20 बेड की एनआरसी में भर्ती कर लिए 80 बच्चे, अब चरमराई सेवाएं

20 बेड की एनआरसी में भर्ती कर लिए 80 बच्चे, अब चरमराई सेवाएं

jay singh gurjar | Updated: 20 Jul 2019, 08:48:46 PM (IST) Sheopur, Sheopur, Madhya Pradesh, India

20 बेड की एनआरसी में भर्ती कर लिए 80 बच्चे, अब चरमराई सेवाएं
लगातार भर्ती कराए जा रहे कुपेाषित बच्चों से क्षमता से बाहर हुए जिले के एनआरसी,

श्योपुर,
कुपोषण पर हंगामा मचने के बाद भले ही अब महिला बाल विकास विभाग का अमला दौड़-दौड़कर कुपोषित बच्चों को एनआरसी में भर्ती करा रहा हो, लेकिन अब क्षमता से ज्यादा बच्चे होने से एनआरसी की सेवाएं चरमराने लगी है। स्थिति यह है कि जिला अस्पताल की एनआरसी में ही इस समय क्षमता से चार गुना बच्चे भर्ती हैं, जिसके कारण एक बेड पर दो से तीन बच्चे भर्ती करने पड़ रहे हैं तो पलंगों पर गद्दे तो दूर चादर तक भी नहीं बिछ पा रही है। यही वजह है कि कई माताएं तो भर्ती होने के बाद बच्चों केा लेकर भाग जाती हैं। बावजूद इसके अफसर कुपोषित बच्चों को एनआरसी में भर्ती करवाने पर तो जोर दे रहे हैं, लेकिन एनआरसी में सुविधाएं और स्टाफ बढ़ाने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

श्योपुर जिला अस्पताल में संचालित एनआरसी(पोषण पुनर्वास केंद्र) की बात करें तो यहां क्षमता महज 20 बेड की है, लेकिन शुक्रवार की स्थिति में यहां 80 बच्चे भर्ती हैं। हालांकि प्रबंधन ने जैसे-तैसे 40 से 50 बेड लगाए हुए हैं, लेकिन ये भी अपर्याप्त हैं रहे हैं। जिसके चलते एक बेड पर दो-तीन बच्चे भर्ती करने पड़ रहे हैं। बाहर टीनशेड में लगे पलंगों पर तो चादर तो दूर गद्दे भी नहीं बिछे हैं। जिसके कारण महिलाओं और बच्चों को खाली पलंगों पर ही सोना पड़ता है। वहीं एनआरसी श्योपुर में स्टाफ की स्थिति देखें तो यहां न तो केयर टेकर है और न ही एफडी (फीडिंग डेमोस्ट्रेटर) है। हालांकि तीन एएनएम पदस्थ हैं, लेकिन ये पद सिर्फ 20 बेड के लिहाज से हैं, लेकिन 80 बच्चों के भर्ती होने से वर्कलोड ज्यादा हो गया है। इसी के चलते जिला मुख्यालय की एनआरसी ओवरलोड नजर आ रही है।


कराहल और विजयपुर में भी दो गुने
जहां एक ओर जिला मुख्यालय की एनआरसी में क्षमता से चार गुना कुपेाषित बच्चे भर्ती हैं, वहीं विजयपुर और कराहल में भी स्थिति कोई जुदा नहीं है। यहां 20-20 बेड की एनआरसी में दो गुने बच्चे भर्ती हैं। शुक्रवार की स्थिति में विजयपुर में जहां 36 बच्चे भर्ती हैं, वहीं कराहल में 40 बच्चे भर्ती हैं। लेकिन स्टाफ की स्थिति यहां भी कुछ ऐसी ही है।

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned