दो साल पहले पाइप लाइन दुरुस्त कराने दिए थे 89 हजार, नहीं कराया काम


पहेला पंचायत का मामला:शोपीस बनी पानी की टंकी, 50 लाख की योजना

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By: संजय तोमर

Published: 28 Feb 2021, 11:51 PM IST

कराहल. छह साल पहले स्थापित नलजल योजना के बाद भी ग्रामीण पानी के लिए परेशान हो रहे हैं। पहेला गांव के पीछे से बिछाई गई पाइप लाइन के बाद भी ग्रामीणों को पानी नसीब नहीं हो सका। नवीन पाइप लाइन डालने के लिए डेढ़ साल पहले जिला पंचायत सीइओ के निर्देश पर ग्रामीण स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने ग्राम पंचायत पहेला को 89 हज़ार की राशि स्वीकृत कर टूटे फूटे पाइप बदलने दी थी इसके बाद भी पंचाायत ने पाइप नहीं बदलवाए। ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों के लापरवाह रवैए के कारण 50 लाख की योजना बंद पड़ी है।
ग्रामीण स्वस्थ्य यांत्रिकी विभाग 89 हजार रुपए ग्राम पंचायत पहेला के खाते में डाल दी। ग्राम पंचायत पहेला के सचिव ने डेढ़ साल से पाइप लाइन बिछाने के कोई क़दम नहीं उठाया। ऐसे में आठ सैकड़ा से अधिक परिवार दूषित पानी पीने को मजबूर है या फिर नलजल योजना की बोर से पानी भरकर पी रहे हैं। हर बार जनपद सीइओ कराहल नलजल योजना के जल्द दुरस्त करने के लिए निर्देश देते है, लेकिन ग्राम पंचायत सचिव बजट को खर्च कर नलों का पानी शुरू नहीं करा पा रहे हैं। ग्राम पंचायत पहेला में प्राचीन बाबडी में सालों से भरा दूषित पानी आदिवासी परिवार पीने को मजबूर है।

ओछापुरा में पानी की किल्लत
गिरते जल स्तर के चलते ओछापुरा में अधिकांश हैंडपंप सूख गए हैं। कई जगह पानी कम होने के कारण पाइप लटक चुके है। नलजल योजना भी बंद है। जिसके चलते ग्रामीणों को पानी के लिए समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कुछ निजी बोर हैं जिनसे पूरा गांव पानी भरता है। शासन की तरफ से 6 हजार की आबादी वाले गांव में पानी की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है
जिला पंचायत सीइओ के निर्देश पर बीते साल 89 हज़ार रुपए ग्राम पंचायत के खाते में डाल दिए थे, अब टूटी फूटी लाइन का काम पंचायत को कराना था।
आरपी वर्मा, एसडीएओ, पीएचइ विभाग श्योपुर

संजय तोमर Desk
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