नसबंदी के बाद महिलाओं को नहीं मिला बेड, जमीन पर लेटाया

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बड़ौदा का मामला

 

 

बड़ौदा, श्योपुर. सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बड़ौदा में महिलाओं को नसबंदी के बाद बेड नहीं मिला तो उनका जमीन पर ही बिस्तर लगा दिया गया। इतना ही नहीं जमीन पर भी पर्याप्त बिस्तर नहीं थे, इसके चलते एक-एक बिस्तर पर दो-दो महिलाओं को लेटाया गया। गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर 41 महिलाओं के ऑपरेशन हुए। इनमें ज्यादातर को जमीन पर ही लेटा दिया। दरअसल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बड़ौदा में महिला नसबंदी शिविर लगाया गया था।

यह दिया तर्क

नोडल अधिकारी परिवार कल्याण कार्यक्रम डॉ. ओपी वर्मा ने बताया कि महिलाओं को साफ चादर और गद्दे मुहैया किए गए। नसबंदी के ऑपरेशन के बाद नीचे साफ चादर-गद्दों में लेटाया जा सकता है। वर्मा ने बताया कि नसबंदी के बाद मॉनीटरिंग के लिए रखा जाता है। मरीज के स्टेबल होने पर उसे रिलीव कर दिया जाता है।

ये है गाइडलाइन

ऑपरेशन वाले मरीज का बिस्तर जमीन पर लगाने से संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। जमीन पर मरीज धूल-मिट्टी के संपर्क में आसानी से आ जाते हैं। इसलिए किसी भी ऑपरेटेड मरीज को सफाई वाले स्थान में पलंग में रखने की गाइडलाइन है। इसके बावजूद जमीन पर ही बिस्तर लगा दिया गया। जबकि नसबंदी के बाद मरीज को वार्ड में शिफ्ट किया जाना चाहिए।

Vivek Shrivastav
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