आंगनबाड़ी को 11 साल से किराए के भवन का सहारा

- समय पर किराया नहीं आने पर खाली करना पड़ता है भवन
- आंगनबाड़ी भवन को लेकर अफसर नहीं है चितिंत

By: Anoop Bhargava

Published: 03 Dec 2019, 08:27 PM IST

श्योपुर/सोईंकला
बच्चों को कुपोषण से मुक्ति दिलाने वाला आंगनवाड़ी केंद्र अव्यवस्थाओं से घिरा है। ग्राम पंचायत नन्दापुर के डांडे का सहराना स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र 11 साल से किराए के मकान में संचालित है। ऐसे में मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पाने से बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। आंगनबाड़ी भवन बनाए जाने के लिए अफसरों से कई बार बोला जा चुका है, लेकिन अफसर जगह का चयन अब तक नहीं कर सके हैं। उनका कहना है कि जगह मिलते ही भवन बनवा दिया जाएगा।
आंगनबाड़ी के लिए सर्वसुविधायुक्त मकान नहीं मिलने से महिलाओं, किशोरियों व बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। मिनी आंगनबाड़ी में इस समय 53 बच्चे दर्ज हैं। निरीक्षण करने आने वाले महिला एवं बाल विकास विभाग के अफसरों को किराए के भवन में आंगनबाड़ी संचालित करने में आने वाली दिक्कत से कार्यकर्ता अवगत करा चुकी हैं, इसके बाद भी अफसर भवन को लेकर गंभीर नहीं है।
किराया समय पर नहीं मिलने खाली करने दबाव
किराए के भवन में आंगनबाड़ी संचालित होने के दौरान उस समय दिक्कत का सामना करना पड़ता है जब समय पर किराया मकान मालिक तक नहीं पहुंचता है। ऐसे में मकान मालिक भवन खाली करने का दबाव बनाते हैं। किराया नहीं आने पर वह भवन खाली करा देते हंै। किराया समय पर नहीं आने पर अब तक तीन भवन बदल जा चुके हैं। अभी प्रधानमंत्री आवास में किराए से आंगनबाड़ी संचालित हो रही है। आंगनबाड़ी का किराया 1000 रुपए माह दिया जाता है। 2009 में यह आंगनबाड़ी स्वीकृत हुई थी तब से अब तक स्थाई भवन नहीं बन सका है।
इनका कहना है
अधिकारियों को इसकी जानकारी है। उनका कहना है कि हम जगह देख रहे हैं जगह मिलते ही भवन बनवा दिया जाएगा।
सरला गुप्ता, सुपरवाइजर, महिला एवं बाल विकास

Anoop Bhargava
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