खुले में जला रहे अस्पताल से निकलने वाला बायो मेडिकल वेस्ट

खुले में जला रहे अस्पताल से निकलने वाला बायो मेडिकल वेस्ट

Anoop Bhargava | Publish: May, 17 2019 08:14:51 PM (IST) Sheopur, Sheopur, Madhya Pradesh, India

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कराहल का मामला

श्योपुर
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कराहल में सरकार के आदेशों की किस प्रकार से अनदेखी की जा रही है, इसका नजारा आए दिन यहां देखने को मिलता है। अस्पताल स्थित लेबर रूम से निकलने वाले मेडिकल वेस्ट का निस्तारण यहां खुले में जलाकर किया जाता है। इससे अस्पताल के आसपास के क्षेत्र में रहने वाले लोगों में श्वांस रोग सहित संक्रमण का खतरा बढ़ता जा रहा है, लेकिन अस्पताल प्रभारी सहित यहां कार्यरत कर्मचारियों को इससे कोई सरोकार नहीं है।
आसपास रहने वालों का कहना है कि यह कोई एक-दो दिन की बात नहीं बल्कि यहां तो अक्सर ही लेबर रूम से निकलने वाला मेडिकल वेस्ट को खुले में फेंकने के साथ जलाया जाता है। जब भी इस तरह से कचरा जलाया जाता है तो उससे उठने वाला काला धुआं आसपास फैल जाता है, जिससे लोगों को सांस लेने में तो दिक्कत होती ही है साथ ही वातावरण में इतनी अधिक दुर्गंध फैल जाती है कि वहां एक पल रुकना भी मुमकिन नहीं हो पाता।
वेस्ट को जलाने 1150 डिग्री सेल्सियस का निर्धारित तापमान जरूरी
अस्पतालों से निकलने वाला कचरा काफी घातक होता है। इसे खुले में फेंकने या जलाने से संक्रामक बीमारियों का खतरा रहता है। सामान्य तापमान में इसे जलाकर खत्म भी नहीं किया जा सकता है। अगर कचरे को 1150 डिग्री सेल्सियस के निर्धारित तापमान पर भस्म नहीं किया जाता है, तो यह लगातार डायोक्सिन और फ्यूरांस जैसे आर्गेनिक प्रदूषक पैदा करता है, जिनसे कैंसर, प्रजनन और विकास संबंधी परेशानियां उत्पन्न हो सकती हैं। ये न केवल रोग प्रतिरोधक प्रणाली और प्रजनन क्षमता पर असर डालते हैं, बल्कि ये शुक्राणु भी कम करते हैं। कई बार मधुमेह का कारण भी बनता है।
लोगों से पूछा तो बोले- पर्यावरण के साथ आमजन के जीवन से भी कर रहे खिलवाड़
दिन के समय लेबर रूम निकलने वाले कचरे को यहां आए दिन जलाया जाता है। इसके कारण यहां पर काम करने में परेशानी का सामना तो करना ही पड़ रहा है। साथ ही धुएं के कारण उल्टियां आना, जी मिचलाना आम बात है। हरे पेड़ भी आग की चपेट में आ रहे हैं। पेड़ गिरने से पटौर धराशायी होने का खतरा भी बना हुआ है।
वीरेन्द्र पाराशर, स्थानीय निवासी
ये बोले जिम्मेदार
प्रदूषण किसी भी प्रकार का हो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। लेबर रूम में उत्पन्न होने वाले मेटेरियल को खुले में जलाया जाता है तो यह बिलकुल गलत है। इसकी जांच कराकर के कार्रवाई के निर्देश देंगे और प्रॉपर तरीके से इस मेटेरियल को नष्ट कराया जाएगा।
डॉ.एनसी गुप्ता
सीएमएचओ, श्योपुर

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