पितृपक्ष के समापन पर 20 साल बाद बन रहा शनिचरी अमावस्या का संयोग

पितृपक्ष के समापन पर 20 साल बाद बन रहा शनिचरी अमावस्या का संयोग
पितृपक्ष के समापन पर 20 साल बाद बन रहा शनिचरी अमावस्या का संयोग

Vivek Shrivastav | Updated: 14 Sep 2019, 08:00:00 AM (IST) Sheopur, Sheopur, Madhya Pradesh, India

श्राद्ध पक्ष शुरू, जलाशयों में जाकर पितरों को दिया पानी

 

 

श्योपुर. दिवंगत पितरों के प्रति श्रद्धा की अभिव्यक्ति का श्राद्ध पक्ष भादौ शुक्ल पूर्णिमा पर शुक्रवार को प्रारंभ हो गया। लोगों ने जलाशयों पर जाकर पितरों को तर्पण अर्पण किए। शहर के विभिन्न नदी घाटों पर पितृ तर्पण का क्रम सर्व पितृमोक्ष अमावस्या तक नियमित चलेगा।

खास बात यह है कि श्राद्ध पक्ष के समापन पर शनिचरी अमावस्या का विशेष संयोग बन रहा है। क्योंकि इस दफा सर्वपितृ अमावस्या के दिन शनिचरी अमावस्या भी होगी। सर्वपितृ अमावस्या और शनिचरी अमावस्या का एक साथ आने का विशेष संयोग 20 साल बाद बन रहा है।
श्राद्ध पक्ष की शुरुआत के साथ ही शुक्रवार को लोगों ने पितरों की मोक्ष तथा आत्मशांति की कामना को लेकर जलाशयों पर तर्पण और घरों पर ब्राह्मणों को भोजन आदि उपक्रम शुरू कर दिए। शहर में सीप नदी स्थितपंडित घाट पर पितरों को तर्पण करने के लिए लोगों की सबसे ज्यादा भीड़ नजर आई। यहां सुबह से ही लोगों ने पहुंचना शुरू कर दिया ।

पंडितों ने सीप नदी के घाटों पर धार्मिक रीति के अनुसार तर्पण की प्रक्रिया संपन्न कराते हुए मंत्रोच्चार के साथ तर्पणकर्ताओं को जनेऊ धारण कराए । लोगों ने पहले एक कोरे सफेद कपड़े पर अपने पूर्वजों का आह्वान किया। इसके बाद पूर्वजों का नाम स्मरण करते हुए तिल छोड़े, लोगों ने नाभिस्थ जल में खड़े होकर डाब की बनी पवित्रियों के जरिये पानी पुरखों को दिया। तर्पण के लिए डाब , तिल, जौ, चावल आदि सामग्री घाट पर ही उपलब्ध कराई गई थी। शहर के गिर्राज घाट, बंजारा डैम पर भी लोग अपने पितरों को तर्पण करने में व्यस्त दिखाई दिए।

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