चंबल एक्सप्रेस-वे पर किसानों से कमिश्नर ने की चर्चा

ग्राम जलालपुरा में शिविर आयोजित कर कमिश्नर ने की किसानों से चर्चा
चंबल एक्सप्रेस-वे बनने से क्षेत्र में खुलेंगे विकास के द्वार

श्योपुर. चंबल संभाग के कमिश्नर आरके मिश्रा सोमवार को मुरैना एवं श्योपुर जिले में 6 हजार करोड़ के चंबल एक्सप्रेस-वे (प्रोगे्रस-वे) को लेकर ग्राम जलालपुरा के पंचायत भवन परिसर में शिविर लगाकर किसानों से चर्चा कर रहे थे। यह किसान उन गांव के थे जिनकी जमीन चंबल एक्सप्रेस-वे में आ रही है। किसानों से चर्चा करने का कमिश्नर का उद्देश्य था कि उन्हें उनकी जमीन के बदले जमीन दी जाए, लेकिन इस चर्चा के दौरान किसानों ने कमिश्नर से दो टूक शब्दों में कहा कि उन्हें जमीन के बदले जमीन नहीं, बल्कि मुआवजा चाहिए। दरअसल किसानों का कहना था कि हमसे अच्छी जमीन लेकर बीहड़ की जगह दी जा रही है। इसलिए मुआवजा ही चाहिए। चंबल एक्सप्रेस-वे में जिले के 57 गांव आाएंगे। यह प्रोग्रेस-वे नदी किनारे के बीहड़ों के पास से बनाया जाएगा। इस वे के बनने से क्षेत्र में विकास के द्वार खुलेगे। यह बात कमिश्नर ने ग्रामीणों को बताई।


शिविर में कलेक्टर राकेश कुमार श्रीवास्तव, जिला पंचायत के सीईओ राजेश शुक्ल, सहायक कलेक्टर पवार नवजीवन विजय, एसडीएम रूपेश उपाध्याय, कार्यपालन यंत्री पीडब्ल्यूडी संकल्प गोलिया, जल संसाधन सुभाष गुप्ता, आजीविका मिशन के डीपीएम सोहनकृष्ण मुदगल, जिला पंचायत के एसीईओ अजय उपाध्याय, सीईओ जनपद एबी प्रजापति, नायब तहसीलदार रजनी बघेल, संरपच रानी तोमर एवं क्षेत्रीय ग्रामीण उपस्थित थे। कमिश्नर ने कहा कि जलालपुरा क्षेत्र में प्रोग्रेस-वे बनने जा रहा है, जिससे आपका गांव चंबल एक्सप्रेस-वे (प्रोगे्रस-वे) से जोड़ा जाएगा। जिससे ग्रामीणों को कम समय में संभागीय मुख्यालय मुरैना पहुंचने में आसानी होगी। साथ ही दिल्ली, मुम्बई पहुंचने का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस-वे की रोड के किनारे विकास के आयाम स्थापित होंगे, जिससे क्षेत्र में सभ्यता का विकास होगा। उन्होंने कहा कि इस एक्सप्रेस-वे में जाने वाली भूमि के बदले भूमि दिलाई जाएगी। इसी बात पर ग्रामीणों ने कमिश्नर की बात काटते हुए जमीन लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने मुआवजा मांगा। हालांकि कमिश्नर ने किसानों को यह कहते हुए समझाने का प्रयास कि सड़क किनारे हाइवे बनने से हाइवे के दोनों साइड भूमि की कीमतें बढ़ेंगी। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे की भूमि पर होटल, मैरिज गार्डन, मोटर बाइंडिंग स्कूल, स्वास्थ्य केन्द्र, पशु चिकित्सालय, ग्रामीण विकास की अनेक संभावनाएं विकसित की जाएंगी। इसका विरोध किसान कर रहे थे।

प्रोगेस-वे में जाने वाली भूमि पर खड़ी फसल काटने दी जाएगी


आयुक्त चंबल मिश्रा ने कहा कि प्रागे्रस-वे में जाने वाली भूिम पर जो फसल खड़ी हुई है। उसको काटने का लाभ किसान ही उठाएगा। उन्होंने कहा कि प्रोग्रेस-वे के क्षेत्र में पानी, बिजली की सुविधा विकसित होगी। साथ ही प्रोग्रेस-वे बनने से इस क्षेत्र के निवासियों के बच्चे, बच्चियों की शादी-संबंध करने वाले व्यक्ति आसानी से कम समय में ग्रामीणों के संपर्क में आएंगे। विभिन्न विभागों के माध्यम से कृषि, उद्यानिकी, एनआरएलएम, मछली पालन, सहकारिता, पशुपालन की सुविधाएं प्राप्त होंगी। साथ ही जलालपुरा का नाम मप्र के इतिहास में पहचान बनाएगा। कमिश्नर मिश्रा ने शिविर में ग्रामीणों से एक्सप्रेस-वे बनाने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की, लेकिन किसान एक ही बात पर अड़े थे।

कलेक्टर ने भी किसानों से की चर्चा


कलेक्टर राकेश कुमार श्रीवास्तव ने शिविर में ग्रामीणों से चर्चा करते हुए कहा कि चंबल एक्सप्रेस-वे (प्रोग्रेस-वे) बनने से जलालपुरा क्षेत्र की उन्नति होगी। उन्होंने कहा कि राजस्व शिविर में सहमति पत्र भरने की कार्रवाई एसडीएम, नायब तहसीलदार, पटवारियों द्वारा की जा रही है, जिसमें ऐसे किसान जिनकी भूमि चंबल एक्सप्रेस-वे में जा रही है। वे अपनी सहमति प्रदान करें। सरकार की नीति के अनुसार एक्सप्रेस-वे में जाने वाली भूमि के बदले भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले के 57 गांव से चंबल एक्सप्रेस-वे गुजरेगा। इस वे के बनने से गांव का विकास होगा। साथ ही विकास की गतिविधियां वे क्षेत्र के किनारे विकसित होंगी, लेकिन ग्रामीण कलेक्टर की बात से भी सहमत नहीं हुए।

महेंद्र राजोरे Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned