अफ्रीकी चीतों की संभावनाएं तलाशनेे आएगी स्टेट कमेटी

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश सरकार ने भी गठित की एक कमेटी, कूनो वनमंडल के पास आया पत्र

 

 

By: Vivek Shrivastav

Updated: 07 Mar 2020, 10:46 PM IST

श्योपुर. अफ्रीकी चीतों को भारत में बसाने के लिए 10 साल पहले बनाए गए प्रोजेक्ट में अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा द्वारा आदेश पारित किए जाने के बाद प्रदेश सरकार ने भी तैयारियां शुरू कर दी है। इसी के तहत सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी के अलावा प्रदेश सरकार ने भी एक स्टेट कमेटी का गठन किया गया है, जो आगामी दिनों में श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में भी चीते बसाने की संभावनाएं तलाशेगी।

ये कमेटी इसी महीने श्योपुर आकर तत्समय में बनाए गए प्रोजेक्ट के अवलोकन के साथ ही कूनो नेशनल पार्क का भ्रमण कर धरातलीय व्यवस्थाओं का भी जायजा लेगी। इसके लिए शासन स्तर से भी एक पत्र कूनो वनमंडल के पास आया है। हालांकि अभी तारीखें तय नहीं हुई है, लेकिन पहले स्टेट कमेटी कूनो आएगी, उसके बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी भ्रमण करेगी।

मध्यप्रदेश द्वारा गठित समिति में एपीसीसीएफ जसवीर सिंह चौहान, परियोजना अधिकारी पेंच विक्रम सिंह, डीएफओ नौरोदेही एवं एसएफआरआई के प्राध्यापक अनिरुद्ध मजूमदार शामिल किए गए हैं। ये कमेटी कूनो के साथ ही मध्यप्रदेश के नौरोदेही के अभयारण्य में भी अफ्रीकी चीतों के लिए अनुकूलता का आकलन करेगी।

चार माह में देनी है सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने गत 28 जनवरी को अफ्रीकी चीते भारत में लाने की अनुमति दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क और नौरोदेही सहित एक राजस्थान के अभयारण्य में से एक में चीते लाने की अनुमति दी है, जिसके लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है, जो चार माह में न्यायालय को अपनी रिपोर्ट देगी। इस कमेटी में पूर्व वन्यजीव भारत के निदेशक रंजीत सिंह, वन्यजीव भारत के महानिदेशक धनंजय मोहन और पर्यावरण और वन मंत्रालय में वन्यजीव डीआईजी शामिल हैं।

10 साल पहले बनाया गया था प्रोजेक्ट

बताया गया है कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2010 में भारत में अफ्रीकी चीता को भारत में लाने की अनुमति देने का अनुरोध किया था और कहा था कि भारतीय चीता विलुप्त हो गए हैं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2012 में इस प्रोजेक्ट पर रेाक लगा दी थी, लेकिन एनटीसीए ने वर्ष 2018 में पुन: इस पर याचिका दाखिल की। इस प्रोजेक्ट में कूनो नेशनल पार्क(तत्समय कूनो अभयारण्य) को भी शामिल किया गया। हालांकि कूनो की स्थापना एशियाई सिंहों के दूसरे घर के रूप में हुई है, लेकिन अभी गुजरात सरकार शेर देने में आनाकानी कर रही है।

अफ्रीकी चीतों के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जहां सेंट्रल कमेटी बनी है, वहीं प्रदेश स्तर पर भी एक कमेटी का गठन किया है, जो संभवतया इसी माह में श्योपुर आएगी और कूनो नेशनल पार्क का भ्रमण करेगी।

प्रकाश कुमार, डीएफओ, कूनो वनमंडल श्योपुर

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