164 डे-केयर स्वीकृत, विभाग ने चिन्हित किए 134, धरातल पर खुला एक भी नहीं

164 डे-केयर स्वीकृत, विभाग ने चिन्हित किए 134, धरातल पर खुला एक भी नहीं

jay singh gurjar | Updated: 10 Aug 2019, 08:22:47 PM (IST) Sheopur, Sheopur, Madhya Pradesh, India

164 डे-केयर स्वीकृत, विभाग ने चिन्हित किए 134, धरातल पर खुला एक भी नहीं
जिले में कुपोषण की गंभीर स्थिति के बाद भी शुरू नहीं हुए डे केयर सेंटर, 4 हजार से अधिक बच्चे अति कुपोषित की श्रेणी में

श्योपुर,
कुपोषण की गंभीर स्थिति और बवाल मचने के बाद भले ही शासन ने जिले में 164 डे केयर सेंटर खोले जाने को स्वीकृति दे दी हो, लेकिन विभाग द्वारा अभी तक एक भी सेंटर नहीं खोला जा सका है। जबकि विभाग द्वारा नए सेंटर खोले जाने के लिए स्थान भी चिन्हित कर लिए हैं। बावजूद इसके धरातल पर सेंटर शुरू नहीं हो पाए हैं। यही वजह है कि कुपोषित बच्चे अभी भी एनआरसी में ही भर्ती कराए जा रहे हैं, जिसके चलते एनआरसी भी क्षमता से ज्यादा हो रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि जिले में कुपोषण की स्थिति गंभीर होने के बाद गत माह हंगामा हुआ तो सरकार ने बंद पड़े डे केयर सेंटरों को पुन: शुरू किए जाने और ग्रोथ मॉनिटरों की सेवाएं बढ़ाने के लिए आदेश जारी किया और लगभग डेढ़ करोड़ रुपए भी मंजूर कर दिए। इस आदेश में विभाग ने जिले में अति कुपोषित बच्चों को गांव की आंगनबाड़ी केंद्र पर ही पर्याप्त पोषण आहार और आवश्यक उपचार दिए जाने के लिए 164 डे केयर सेंटर खोलने की मंजूरी दी। हालांकि इस आदेश के बाद विभागीयस्तर पर कवायद हुई और 8 या 8 से अधिक अति कुपोषित वाले आंगनबाड़ी केंद्रों को चिन्हित करते हुए कुल 134 डे केयर सेंटर खोलने के लिए चिन्हित किए। लेकिन शासन के आदेश के एक माह बाद भी 134 तो दूर अभी तक एक भी सेंटर कार्यशील नहीं हो पाया है। डे केयर सेंटर नहीं होने के कारण कुपोषित बच्चों को एनआरसी में ही भर्ती कराया जा रहा है, जबकि बच्चों की माताएं एनआरसी तक नहीं आना चाहती। ऐसे में उनके गांव में ही डे केयर सेंटर खुलने की आवश्यकता है।

सेंटर पर बच्चे की ग्रोथ होने तक पूरी मॉनिटरिंग
अति कुपोषित बच्चों को एनआरसी में 14 दिन तक रखा जाकर उन्हें पोषण आहार दिया जाता है, लेकिन डे केयर सेंटर तो संबंधित गांव में ही होता है, लिहाजा बच्चे को रोज वहां लाकर पर्याप्त पोषण आहार तो दिया जाता है, साथ ही नियमित रूप से उसकी ग्रोथ की मॉनिटरिंग भी होती है। सेंटर पर नाश्ता और भोजन के अलावा थर्ड मील और फोर्थ मील भी निर्धारित मीनू में दिया जाता है। बताया गया है कि सरकार ने डे केयर सेंटर 31 मार्च 2020 तक के लिए स्वीकृत किए गए हैं। वहीं 20 ग्रोथ मॉनिटरों का कार्यकाल भी 31 मार्च 2020 तक के लिए ही बढ़ा गया है।


चार हजार से अधिक बच्चे अति कुपोषित
जिले में कुपोषण की स्थिति गंभीर है, यही वजह है कि अभी भी जिले में चार हजार से अधिक बच्चे अति कुपोषण की श्रेणी में शामिल है। स्थिति यह है कि महिला एवं बाल विकास विभाग की टीमों के भ्रमण में रोज कुपोषित बच्चे मिल रहे हैं, जिन्हें एनआरसी में लाया जा रहा है। ऐसे में यदि गांवों में ही डे केयर सेंटर होंगे तो कुपोषित बच्चे यहां नहीं लाना पड़ेंगे।

जल्द शुरू किए जाएंगे
शासन ने डे केयर सेंटरों के संचालन को मंजूरी दी है, जिसके एवज में हमने 134 स्थानों को सेंटर संचालन के लिए चुना है। आगामी एक पखवाड़े के भीतर सारे सेंटर शुरू कर दिए जाएंगे।
ओपी पांडेय
जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, श्योपुर

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