मेटरनिटी वार्ड में नहीं मिले डॉक्टर, बिना उपचार लौटी महिलाएं

एक डॉक्टर के नाइट ड्यूटी और दूसरे डॉक्टर के नसबंदी शिविर में चले जाने के कारण ओपीडी में नहीं बैठा कोई डॉक्टर

 

 

By: Vivek Shrivastav

Published: 03 Dec 2019, 04:57 PM IST

श्योपुर. जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों की परेशानियां खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। सोमवार को अस्पताल की मेटरनिटी वार्ड की ओपीडी में इलाज के लिए पहुंची महिला मरीजों को कोई डॉक्टर नहीं मिला। जिस कारण महिला मरीजों को बिना इलाज वापस लौटना पड़ा। यह स्थिति एक महिला डॉक्टर के नाइट ड्यूटी पर होने और दूसरे डॉक्टर के नसबंदी शिविर में विजयपुर चले जाने के कारण निर्मित हुई।

दरअसल जिला अस्पताल के मेटरनिटी वार्डमें पदस्थ दो डॉक्टर ट्रेनिंग पर गए है। जिस कारण दो डॉक्टर बीएल यादव और सीमा शाक्य ही वर्तमान में पदस्थ बने हुए है। बताया गया है कि डॉ सीमा शाक्य नाइट ड्यूटी पर रहने के कारण सोमवार को दोपहर तक ओपीडी में नहीं बैठ सकी। जबकि डॉ बीएल यादव विजयपुर में आयोजित नसबंदी ऑपरेशन शिविर में ऑपरेशन करने के लिए चले गए।

ऐसे में ओपीडी में बैठने के लिए कोई डॉक्टर नहीं बचा। यही वजह है कि सोमवार को इलाज के लिए मेटरनिटी वार्ड में बड़ी संख्या में इलाज के लिए पहुंची महिला मरीजो को ओपीडी में कोई डॉक्टर नहीं मिला। काफी देर इंतजार करने के बाद महिला मरीज वापस घर लौट गई।

अस्पताल में एक और डॉक्टर ने दी आमद, मिलेगी राहत

जिला अस्पताल में सोमवार को एक नये डॉक्टर के रूप में डॉ गजेन्द्र धाकड़ ने ज्वाइनिंग दे दी है। डॉ धाकड़ स्त्री रोग विशेषज्ञ बताए गए है। इसलिए उनके जिला अस्पताल में पदस्थ होने से महिला मरीजों को खासी राहत मिलेगी। क्योंकि अस्पताल के मेटरनिटी वार्ड में भी डॉक्टरो की खासी कमी है।

Vivek Shrivastav
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