एजुकेशन हब में शिक्षा की डगर कीचड़ भरी, कच्चे रास्तों से गुजरने को मजबूर छात्र

शहर के बाईपास रॉड पर मॉडल स्कूल सहित आधा दर्जन शैक्षणिक संस्थान, फिर भी नहीं बन पाई पक्की सड़क] शहर का एजुकेशन हब बन रहा ये क्षेत्र, कई बार उठ चुकी है कि सड़क बनाने की मांग

श्योपुर,
शहर का बाइपास रोड पर बन रहे नए श्योपुर की तस्वीर में भले ही एक क्षेत्र एजुकेशन हब की पहचान बन रहा हो, लेकिन यहां की कच्ची डगर छात्र-छात्राओं के लिए मुसीबत बनी हुई है। विशेष बात यह है कि इसी रास्ते पर पॉलिटेक्निक कॉलेज तक तो डामरीकरण की सड़क पक्की है, लेकिन आगे की सड़क आज भी कच्ची ही है। यही वजह है कि आधा दर्जन शैक्षणिक संस्थानों के छात्र-छात्राएं कच्ची और मिट्टी वाली सड़क से जाने को मजबूर है।

विशेष बात यह है कि जरा सी बारिश होते ही ये रास्ता कीचड़मय हो जाता है, जिससे छात्र-छात्राओं को काफी परेशानियां उठानी पड़ती हैं।

शहर के बाइपास रोड पर शहर का एक एजुकेशन हब तैयार हो रहा है। जहां केंद्रीय विद्यालय, शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, शासकीय हजोरश्वर हायरसैकंडरी स्कूल, शासकीय मॉडल स्कूल, शासकीय आईटीआई कॉलेज सहित कई स्तर के बालिकाओं के शासकीय छात्रावास संचालित हैं। हालांकि छात्रावास तो मुख्य बाइपास रोड पर ही आ रहे हैं, लेकिन अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए बाइपास से अलग सड़क जा रही है।


चूंकि इसी रास्ते पर मुख्य बाइपास रोड से लगभग 300 मीटर की दूरी पर पॉलिटेक्निक कॉलेज है, जिसे चुनावों के लिए जिला प्रशासन ने इवीएम रखने का स्ट्रांग रूम बनाया हुआ है। यही वजह है कि गत विधानसभा चुनाव से पूर्व बाइपास से पॉलिटेक्निक कॉलेज तक डामरीकरण कर दिया गया, लेकिन यहां से आगे कच्ची सड़क मुसीबत बनी है। इसी के चलते शासकीय हजारेश्वर स्कूल, शासकीय मॉडल स्कूल, शासकीय आइटीआई कॉलेज के लिए अभी भी कच्चा ही रास्ता है। हालांकि इस संबंध में छात्र-छात्राएं कई बार प्रशासन के समक्ष सड़क की मांग उठा चुके हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। बताया गया कि इन संस्थानों में लगभग एक हजार के आसपास छात्र-छात्राएं अध्यनरत हैं, जिन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।


इसी क्षेत्र में गल्र्स कॉलेज भी निर्माणधीन, कैसे जाएंगी बेटियां
एजुकेशन हब के इसी क्षेत्र में शासकीय आदर्श कन्या महाविद्यालय भी निर्माणधीन है।। बाइपास से लगभग 700 मीटर की दूरी पर स्थित गल्र्स कॉलेज के लिए भी यही मार्ग है। बताया जा रहा है कि जल्द ही गल्र्स कॉलेज इस नवीन भवन में शिफ्ट होगा, ऐसे में गल्र्स कॉलेज की छात्राएं भी इसी कच्चे रास्ते से दो चार होंगी।

jay singh gurjar Reporting
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