अतिक्रमण की चपेट में मंडी की जमीनें

shyamendra parihar

Publish: Jan, 14 2018 03:07:59 PM (IST)

Sheopur, Madhya Pradesh, India
अतिक्रमण की चपेट में मंडी की जमीनें

दांतरदा और प्रेमसर में स्वीकृत उपमंडियों की जमीनों की नहीं ले रहा मंडी प्रशासन सुध

दांतरदा. सरकारें भले ही किसानों के हित में काम करने के दावे करे, लेकिन धरातल पर आज भी किसानों को काफी समस्या का सामना करना पड़ता है। कुछ यही स्थिति दांतरदा और प्रेमसर क्षेत्र के किसानों की है, जिन्हें अपनी उपज विक्रय को आज भी जिला मुख्यालय ही जाना पड़ता है, जबकि इन दोनों कस्बों में उपमंडियां भी स्वीकृत है। विशेष बात यह है कि दोनों ही जगह मंडी की जमीनें अतिक्रमण की चपेट में है, लेकिन मंडी प्रशासन ने आज तक सुध नहीं ली है।
श्योपुर-सवाईमाधोपुर हाईवे पर स्थित ग्राम दांतरदा में दो दशक पूर्व कृषि उपमंडी स्वीकृत की गई थी। इसके लिए कस्बे में हाईवे किनारे ही भूमि सर्वे क्रमांक 1326 से 1336 में लगभग 45 बीघा नौ बिस्वा की भूमि आवंटित की गई, लेकिन मंडी यहां अभी भी शुरू नहीं हो पाई है। विशेष बात यह है कि यहां की मंडी की जमीन धीरे-धीरे अतिक्रमण की चपेट में जा रही है। हालांकि तीन साल पूर्व यहां अतिक्रामकों को नोटिस भी दिए, लेकिन कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई। यही वजह है कि दांतरदा की उपमंडी में खरीदी प्रक्रिया शुरू होना तो दूर उलटे मंडी की जमीन ही अतिक्रमण में जा रही है।


प्रेमसर में खरीद कार्य शुरू होने का इंतजार
श्योपुर-कोटा हाईवे पर स्थित ग्राम प्रेमसर में भी लगभग दो दशक पूर्व उप मंडी की स्थापना की गई। इसके लिए ननावद रोड पर भूमि सर्वे क्रमांक 672 में 13 बीघा 9 बिस्वा जमीन आवंटित की, लेकिन मंडी आज तक शुरू नहीं हुई। यह स्थान अब केवल अप्रेल-मई माह में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के कार्य में आ रहा है। हांलाकि मंडी प्रशासन द्वारा चिह्नित भूमि के चारों ओर बाउंड्रीवाल करा दी गई है और चबूतरे आदि भी बनवा दिए गए हैं, लेकिन पीछे की ओर की बाउंड्री टूट गई है। वहीं उपमंडी में आज भी खरीदी कार्यशुरू होने का इंतजार है।

दांतरदा और प्रेमसर में मंडी की जमीनों पर अतिक्रमण हटाने के लिए जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। साथ ही दोनों ही जगह विकास कार्य कराने मंडी बोर्ड को प्रस्ताव भेजे हुए हैं।
रविं्रद सिंह कुशवाह, सचिव, कृषि उपज मण्डी श्योपुर

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