धारा 144 के बावजूद जुटे किसान, कृषि अध्यादेशों का किया विरोध

केंद्र सरकार के तीन कृषि अध्यादेशों के विरोध में किसानों ने धरना देकर किया प्रदर्शन, पार्क में ज्ञापन लेने पहुंचे तहसीलदार

 

By: rishi jaiswal

Published: 15 Sep 2020, 09:33 PM IST

श्योपुर. किसानों के आंदोलनों की आहट के बीच भले ही जिला प्रशासन ने धारा 144 लगा दी हो, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि अध्यादेशों के विरोध में न केवल हजारेश्वर पार्क में किसान मंगलवार को एकत्रित हुए, बल्कि नारेबाजी कर धरना प्रदर्शन भी किया। इस दौरान किसानों ने कहा कि धारा 144 लगाकर प्रशासन हमारी आवाज नहीं दबा सकता है। अपने हित की बात के लिए प्रशासन से टकराने से भी गुरेज नहीं करेंगे।

पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर किए गए आह्वान के बाद मंगलवार की सुबह 11 बजे किसान शहर के श्री हजारेश्वर पार्क में एकत्रित होना शुरू हुए और धीरे-धीरे संख्या बढ़ती गई। इस दौरान राजनीतिक पार्टियों के नेता भी इसमें शामिल हुए। किसानों को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बिना संसद में बिल लाए और कानून बनाए, अचानक तीन-तीन कृषि अध्यादेश लाए गए हैं, जो किसान हित में कतई नहीं हैं। यही नहीं हमारे इस प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही प्रतिक्रियाओं के बाद अचानक प्रशासन ने धारा 144 लगा दी। जबकि उपचुनाव वाले जिलों में राजनीतिक सभाओं में खूब भीड़ उमड़ रही है।

प्रशासन की ऐसी धाराओं से नहीं डरेंगे किसान
किसान नेताओं ने कहा कि प्रशासन की ऐसी धाराओं और ऐसे आदेशों से डरने वाले नहीं हैं। हम किसान हित की बात करेंगे और जरुरत पड़ी तो धरना प्रदर्शन भी करेंगे। हालांकि पहले किसान यहां से सीधे कलेक्ट्रेट जाकर ज्ञापन देने वाले थे, लेकिन बताया गया है ज्ञापन लेने वाले अधिकारी यहीं पार्क में आ रहे हैं तो किसान रुक गए। इसके बाद दोपहर डेढ़ बजे तहसीलदार राघवेंद्र कुशवाह हजारेश्वर पार्क पहुंचे और किसानों ने उन्हें ज्ञापन दिए और काले कानून के रूप में लगाए गए अध्यादेशों को वापस लेने की मांग की। इस दौरान अनिल सिंह, रामलखन हिरनीखेड़ा, योगेश जाट, डॉ.कमल शर्मा, महावीर मीणा, हरिसिंह जारेला, ओमप्रकाश मीणा, रामजीलाल मीणा, चंद्रभान राणा, लक्ष्मी शिवहरे आदि किसान नेता और किसान मौजूद रहे।

कलेक्ट्रेट परिसर को बनाया पुलिस छावनी
धारा 144 लगाकर कलेक्टर ने धरना प्रदर्शन पर रोक लगा दी। इसके बाद भी जब किसानों ने कृषि अध्यादेशों के विरोध में धरना प्रदर्शन करने का ऐलान किया तो कलेक्ट्रेट परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में अतिरिक्त बेरिकेड्स लगाए गए और पुलिस के जवान तैनात कर निगरानी रखी गई। कलेक्ट्रेट को पहले से ही प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। बकायदा परिसर मेंएक बोर्ड भी लगा दिया गया है।

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