किसान बोले-अतिक्रमण के नाम पर सिख समाज को किया टारगेट

विभिन्न संगठनों के साथ किसानों ने एकत्रित होकर कलेक्ट्रेट घेरी, कलेक्टर को दिया ज्ञापन,

By: jay singh gurjar

Published: 03 Jan 2020, 02:59 PM IST

श्योपुर,
प्रदेश सरकार की एंटी माफिया मुहिम के तहत श्योपुर में प्रशासन द्वारा की जा रही अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही में अब भेदभाव और सिख समुदाय को टारगेट करने के आरोप लग रहे हैं। प्रशासन की इसी कार्यवाही के विरोध में सिख समाज के लोग और किसान भी गुरुवार को लामबंद नजर आए और कलेक्टे्रट का घेराव व नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन दिया।
इस दौरान किसानों ने कराहल तहसीलदार पर तमाम आरोप लगाए, वहीं कराहल के आदिवासी नेता मुकेश मलहोत्रा पर कार्यवाही की मांग उठाई। इस पर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा कि कार्यवाही किसी वर्ग विशेष या भेदभाव से नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि आप लोग अपनी जमीनों की सूची और दस्तावेज के साथ दें, हम जांच कराएंगे। वहंीं दूसरी ओर मामले ने तूल पकड़ा और भोपाल तक बात पहुंची तो मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी जांच के आदेश दे दिए हैं।


कराहल क्षेत्र में अतिक्रमण में तोड़े गए मकानों और फसल को नष्ट किए जाने के विरोध में विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बड़ी संख्या में किसान पहले तो हजारेश्वर पार्क में एकत्रित हुए और फिर यहां रणनीति बनाकर रैली की शक्ल में कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान कलेक्ट्रेट का घेराव कर नारेबाजी की और ज्ञापन सौंपा। हालांकि पहले तो संयुक्त कलेक्टर सुनील राज नायर ने ज्ञापन ले लिया, लेकिन बाद में किसानों से मिलने स्वयं कलेक्टर प्रतिभा पाल बाहर आईं। इस दौरान किसानों ने कहा कि प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने के नाम पर किसानों और गरीबों को परेशान किया जा रहा है और हरियाणा-पंजाब से आए खेती के लिए किसानों को टारगेट कर सिख समाज के लोगों के मकान तोड़े जा रहे हैं। प्रशासन द्वारा इस कड़ाके की ठंड में बर्बरतापूर्ण कार्यवाही से छोटे-छोटे बच्चे बेघर हो गए हैं। किसानों ने कहा कि कराहल तहसीलदार सिख समाज के किसानों केा उग्रवादी बताते हैं और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं, वहीं कराहल का स्थानीय आदिवासी नेता मुकेश मलहोत्रा सिख समाज के लोगों को जूते मारने की बात कहता है, उस पर कार्यवाही की जाए। किसानों ने कहा कि जिन किसानों के पास जमीन के दस्तावेज हैं, उन्हें भी नोटिस दिए जाते हैं और फिर मकान तोड़े जा रहे हैं। इस पर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा कि कोई भी इस तरह की भाषा का इस्तेमान नहीं करेगा और जो करेगा उस पर कार्यवाही होगी और की जा रही है। वहीं यदि प्रशासन के किसी आदमी ने किसी के खिलाफ कोई गलत कार्यवाही की है तो हम उस अधिकारी पर भी कार्यवाही करेंगे। इस दौरान कलेक्टर ने किसानों के नाम की सूची और दस्तावेज देने के लिए कहा।


सीएम ने दिए जांच के आदेश, सिख समाज को प्रतिनिधि मंडल आएगा
मामले ने तूल पकड़ा और प्रदेश सरकार तक बात पहुंची तो मामले में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा द्वारा इस संबंध में प्रेस रिलीज जारी किया गया, जिसमें बताया गया कि श्योपुर जिले के कराहल तहसील में प्रशासन द्वारा शासकीय जमीन व अन्य जमीनों के कब्जे से मुक्त कराने की कार्यवाही के पूरे मामले की मुख्यमंत्री कमलनाथ ने जांच के आदेश दिये गये है। उन्होंने बताया कि इस कार्यवाही में कुछ सिख समाज के लोगों द्वारा भेदभावपूर्ण कार्यवाही का आरोप लगाया गया है। इसके लिए सीएम ने कहा है कि किसी के साथ भी अन्याय ना हो, इस बात का पूरा ध्यान रखा जाए। जो भी कार्यवाही हो , नियम अंतर्गत हो , इसका विशेष ध्यान रखा जाए। इसको लेकर सिख समाज की शासकीय कमेटी के संयोजक नरेन्द्र सलूजा की अगुवाई में सिख समाज के प्रदेश के वरिष्ठजनों का एक प्रतिनिधि मंडल मौके पर भेजने का उन्होंने निर्णय लिया है, जो मौके पर जाकर प्रशासन की कार्यवाही की वास्तविकता जानेगा, पीडि़त पक्ष से मिलेगा, उनका पक्ष जानेगा और पूरी रिपोर्ट लेकर मुख्यमंत्री को सौंपेगा।

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