कूनो पर बनेंगे पांच बड़े बांध, डेढ़ लाख हेक्टेयर में होगी सिंचाई, बिजली भी बनेगी

शासन से साध्यता रिपोर्ट को मंजूरी के बाद जलसंसाधन विभाग ने बनाया स्टीमेट, पांच हजार करोड़ रुपए आएगी लागत°श्योपुर सहित शिवपुरी, ग्वालियर, मुरैना और भिंड जिलों को मिलेगा सिंचाई का पानी, चंबल में बाढ़ का स्तर भी रुकेगा

By: jay singh gurjar

Published: 26 May 2020, 08:17 PM IST

श्योपुर,
यदि सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो कूनो नदी आगामी बरसों में श्योपुर सहित पांच जिलों को सिंचाई और पेयजल का पानी उपलब्ध कराएगी बल्कि बिजली उत्पादन भी करेगी। ऐसा इसलिए क्योंकि कूनो नदी पर पांच बड़े बांध बनाए जाने की तैयारी की जा रही है। पिछले दिनों साध्यता रिपोर्ट को मिली मंजूरी के बाद बीते रोज जलसंसाधन विभाग ने स्टीमेट भी बना लिया है, जिसे अब मंजूरी के लिए शासन को भेजा जा रहा है। पांच जिलों की डेढ़ लाख हेक्टेयर रकबे में सिंचाई के लिए प्रस्तावित इन पांच बांधों की लागत लगभग 5 हजार करोड़ रुपए आंकी गई है।


180 किलोमीटर लंबी कूनो नदी श्योपुर के जंगलों में बहती हुए चंबल की सहायक नदी बनती है। चूंकि नदी में वर्ष भर पानी रहता है, लिहाजा जलसंसाधन विभाग वृहद सिंचाई परियोजना की तैयारी कर चुका है। बताया गया है कि गत वर्ष प्रारंभिक सर्वे कर प्री फिजीबिलिटी रिपोर्ट(साध्यता रिपोर्ट) शासन को भेजी गई थी, जिसे एक पखवाड़े पूर्व शासन ने मंजूरी दे दी। यही वजह है कि पीएफआर मंजूर होने के बाद अब विभाग ने स्टीमेट भी कंपलीट कर लिया है। श्रीमंत माधवराव सिंधिया बहुद्देश्यीय वृहद सिंचाई परियोजना के नाम से प्रस्तावित की गई, इस परियोजना में कुल पांच बांध बनाए जाएंगे। जिनके माध्यम से श्योपुर सहित शिवपुरी, मुरैना, ग्वालियर और भिंड जिले की डेढ़ लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी, वहीं कई इलाकों को पेयजल भी उपलब्ध कराया जाएगा। कूनो पर बनने वाले पांच बांधों में से एक बांध श्योपुर के कराहल तहसील के कटीला के निकट बनेगा, जबकि तीन बांध ऊपर की साइड शिवपुरी-गुना की ओर बनेंगे, जबकि पांचवां बांध नीचे की ओर वीरपुर क्षेत्र के कूनो सायफन के पास बनाया जाना प्रस्तावित है। इसी कूनो सायफन के निकट वाले बांध पर ही बिजली उत्पादन करने का भी प्रस्ताव है।


175 से 450 एमसीएम स्टोरेज क्षमता के होंगे बांध
कूनो कॉम्पलेक्स के रूप में बनने वाली इस वृहद सिंचाई परियोजना में बांधों में पानी की स्टोरेज क्षमता 175,200 और 450 एमसीएम(मिलियन क्यूबिक मीटर) की रहेगी। अभी दो दिन पहले ही जलसंसाधन विभाग ग्वालियर की एक टीम ने जिले के कटीला की साइड भी देखी, यहां 175 एमसीएम क्षमता का बांध प्रस्तावित किया गया है। विशेष बात यह है कि नीचे की ओर बनने वाले पांचवें बांध से जहां बिजली बनेगी, वहीं यहां से पानी लिफ्ट कर कूनो सायफन चंबल नहर के जरिए भिंड जिले को सिंचाई के लिए दिया जाएगा।


पांच जिलों के ये क्षेत्र होंगे लाभान्वित
कूनो वृहद सिंचाई परियोजना में निकाली जाने वाली नहरों से श्येापुर सहित पांच जिलों के कराहल, वीरपुर, पोहरी, सतनबाड़ा, नरवर, मोहना, ग्वालियर, घाटीगांव, भिंड, अटेर, मेहंगांव, सबलगढ़, बामोर आदि सहित अन्य क्षेत्रों की डेढ़ लाख भूमि सिंचित होगी। वहीं इनमें से कई इलाकों को पेयजल भी उपलब्ध कराया जाएगा। यही नहीं कूनो पर बांध बनने के बाद बारिश के दौरान चंबल नदी में बाढ़ का स्तर भी कम होगा।

कूनो नदी पर बहुद्देश्यीय सिंचाई परियोजना की पीएफआर को शासन ने स्वीकृत दे दी है। जिसके बाद अब हमने स्टीमेट भी तैयार कर लिया है। जिसे स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जा रहा है। स्वीकृति मिलने के बाद डीपीआर बनेगी।
आरपी झा
अधीक्षण यंत्री, जलसंसाधन विभाग ग्वालियर


फैक्ट फाइल
180-किमी लंबाई है कूनो नदी की
1000-मिलियन क्यूबिक मीटर पानी रहता है कूनो में
05-बड़े बांध बनाने का है प्रस्ताव
05-हजार करोड़ रुपए की लागत का अनुमान
05-जिलों की डेढ़ लाख हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित

jay singh gurjar
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned