चंबल जोन के एडीजी से महिलाएं बोली-साहब बच्चों को कैसे स्वच्छ रखे,नहाने थोने को भी पानी नहीं

-ऊपरीखोरी गांव में पहुंचे एडीजी,सर्दी से बचाने किया ऊनी कपड़ो को वितरण
-कलेक्टर और एसपी भी पहुंचे ऊपरीखोरी गांव

By: Laxmi Narayan

Published: 03 Dec 2019, 11:28 AM IST

श्योपुर/कराहल
साहब! आप कह रहे हो,बच्चो को स्वच्छ रखो,मगर यहां नहाने धोने के लिए पानी ही नहीं है।ऐसे में हम बच्चो को कैसे रोज नहलाकर स्वच्छ रखे। यह बात कराहल तहसील क्षेत्र के ऊपरीखोरी गांव की महिलाओ ने सोमवार को तब एडीजी चंबल रेंज डीपी गुप्ता से कही,जब उन्होने कलेक्टर और एसपी के साथ गांव पहुंचकर महिलाओ को बच्चो को स्वच्छ रखने की समझाइस दी।
दरअसल ऊपरीखोरी गांव को चंबल रेंज के एडीजी डीपी गुप्ता ने गोद ले रखा है। सोमवार को एडीजी गुप्ता तीसरी बार ऊपरीखोरी पहुंचे। इस दफा उनके साथ कलेक्टर बसंत कुर्रे और एसपी नगेन्द्र सिंह भी थे।एडीजी ने चौपाल लगाकर ग्रामीणो ंसे चर्चा की और कुपोषित से मध्यम ग्रेड में आए बच्चों सहित आदिवासी महिलाओं को फलो की डलिया, खिलौने किट,कपड़े और सर्दी से बचाव के लिए ऊनी कपड़े वितरित किए। इसके बाद महिलाओ से सीधा संवाद करते हुए उनको अपने बच्चो को स्वच्छ रखने की समझाइस दी। तभी महिलाओ ने गांव में पानी व्याप्त पानी की समस्या बताई। जिसे सुनकर एडीजी ने कलेक्टर की तरफ देखकर कहा कि अबकी बार हमारे साथ कलेक्टर साहब आए। अब आपकी पानी की समस्या भी खत्म हो जाएगी। इसके बाद कलेक्टर बसंत कुर्रे ने पंचायत सचिव को बुलाकर नवीन बोर खनन कराने के साथ पानी की टंकी रखने और पीएचई विभाग को खराब पड़े हैंडपंपो को जल्द सुधारे जाने के लिए निर्देशित किया। इस मौके पर जिला पंचायत सीईओ हर्ष सिंह, एसडीओपी जीडी शर्मा, जिला महिला बाल विकास अधिकारी ओपी पांडेय, सहायक संचालक महिला बाल विकास विभाग रिशु सुमन, परियोजना अधिकारी नितिन मित्तल,सेक्टर सुपरवाइजर अनिता सिंघल आदि मौजूद थे।
पांच सालो से बंद राशन की पात्रता पर्ची
चौपाल में उपस्थित अधिकारियों को महिलाओ ने बताया कि कई घरो के राशन की पात्रता पर्ची पांच सालो से बंद है। राशन नहीं मिलने के कारण हमको बाजार से गेंहू मंहगे दामो पर खरीदकर लाने पड़ रहे है।
44 से बढ़कर 56 बच्चे हो गए सामान्य ग्रेड में
एडीजी डीपी गुप्ता सहित अन्य अफसरो को महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पूर्व में यहां के 44 बच्चे सामान्य ग्रेडिंग में थे। एक महिने के बाद यहां सामान्य ग्रेड के बच्चों की संख्या 44 से बढ़कर 56 हो गई है।

Laxmi Narayan
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