पांच साल में भी नहीं बन पाया गिर गाय का ब्रीडिंग सेंटर

गौ-संवर्धन के नाम पर भले ही प्रदेश सरकार तमाम दावे करे और इसके लिए भले ही पिछले दिनों गौ कैबिनेट भी बना दी हो, लेकिन श्योपुर जिले में गौ-संवर्धन की दिशा में स्थापित होने वाला गिर गाय ब्रीडिंग सेंटर बीते छह सालों से फाइलों में ही कैद है

 

By: rishi jaiswal

Published: 20 Nov 2020, 11:19 PM IST

श्योपुर. गौ-संवर्धन के नाम पर भले ही प्रदेश सरकार तमाम दावे करे और इसके लिए भले ही पिछले दिनों गौ कैबिनेट भी बना दी हो, लेकिन श्योपुर जिले में गौ-संवर्धन की दिशा में स्थापित होने वाला गिर गाय ब्रीडिंग सेंटर बीते छह सालों से फाइलों में ही कैद है। जबकि जिले में एक लाख से अधिक गिर प्रजाति की गायें हैं। हालांकि वर्ष 2017 में श्योपुर आए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी इसका जिक्र किया, लेकिन उसके बाद भी ये धरातल पर नहीं आ पाया है।


बताया गया है कि श्योपुर में खुलने वाले इस ब्रीडिंग सेंटर का प्रस्ताव पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम में पड़ा हुआ है, लेकिन अफसर इस दिशा में कोई पहल करते नजर नहीं आए हैं। उल्लेखनीय है कि पशु संपदा से परिपूर्ण श्योपुर जिले के गोरस-कराहल क्षेत्र के दो दर्जन गांवों में गिर नस्ल की गायें भी बड़ी संख्या में पाई जाती हैं। यही वजह है कि गिर नस्ल की गायों को बढ़ावा देने के लिए पशुपालन विभाग द्वारा कराहल में गिर ब्रीडिंग सेंटर प्रस्तावित किया हुआ है। छह साल पूर्व शुरू हुई सेंटर की प्रक्रिया के लिए जिला योजना समिति की बैठक से अनुमोदित किया जाकर शासन और मध्यप्रदेश राज्य पशुधन विकास निगम को प्रस्ताव भी भेजा गया, लेकिन अभी तक मंजूरी नहीं मिल पाई है।

पारोंद में आवंटित हो चुकी जमीन
जिले में प्रस्तावित गिर ब्रीडिंग सेंटर के प्रोजेक्ट के लिए कराहल के निकट पारोंद गांव में 40.675 हेक्टेयर जमीन भी पांच साल पूर्व ही आवंटित की जा चुकी है। प्रोजेक्ट में सेंटर बनाने में 7 करोड़ 25 लाख 46 हजार रुपए की लागत प्रस्तावित है। हालांकि 25 दिसंबर 2017 को ढोढर आए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी इसका जिक्र किया, बावजूद इसके बात आगे नहीं बढ़ पाई।

एक लाख से अधिक गिर गाय
कृषि के साथ ही जिले में पशुपालन किसानों का मुख्य व्यवसाय है। जिले में लगभग सात लाख की संख्या में पशु धन हैं, जिसमें से लगभग एक लाख से अधिक की संख्या में गिर गाय हैं। जिसका दूध सर्वोत्तम और पौष्टिक माना जाता है। ये गिर गाय गोरस और कराहल क्षेत्र के दो दर्जन गांवों में पाली जाती है।

मई 2014 में भेजा गया था प्रस्ताव
बताया गया है कि 15 मई 2013 को ग्वालियर में हुई कृषि उत्पादन आयुक्त की चंबल-ग्वालियर संभागस्तरीय बैठक में गिर ब्रीडिंग सेंटर शुरू करने का प्रस्ताव बनाने के निर्देश श्योपुर को दिए गए थे। जिसके बाद मई 2014 में तत्कालीन कलेक्टर जीबी पाटिल द्वारा प्रस्ताव बनाकर पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम भोपाल को भेजा गया, लेकिन मंजूरी के इंतजार में प्रस्ताव अटका हुआ है।

यह बात सही है कि जिले में गिर गाय ब्रीडिंग सेंटर प्रस्तावित है। जिसका प्रस्ताव काफी पहले ही भेजा जा चुका है, लेकिन ये प्रस्ताव भोपाल में ही लंबित है और इसे अभी मंजूरी नहीं मिली है।
डॉ.बीएम शर्मा, उपसंचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं श्योपुर

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