कोविड कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट पर किया हंगामा

अनुबंध समाप्त होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर 70 कर्मचारी, कलेक्ट्रेट गेट पर पुलिस ने नहीं बैठने दिया, किया हंगामा

 

By: rishi jaiswal

Published: 28 Nov 2020, 10:34 PM IST

श्योपुर. अपना अनुबंध समाप्त होने से नाराज कोविड-19 के तहत लगाए गए स्वास्थ्य कर्मचारी शनिवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। इससे जिला अस्पताल में कोविड की स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गईं। विशेष बात यह रही कि हड़ताल के साथ ही ये कर्मचारी कलेक्ट्रेट गेट पर धरने पर बैठ गए, लेकिन धरने की अनुमति नहीं होने पर पुलिस ने न केवल हडक़ा दिया बल्कि जबरन हटाने की चेतावनी भी दे दी। इसी से कर्मचारी बिफर गए और कलेक्ट्रेट पर हंगामा शुरू कर दिया। यही नहीं प्रशासन और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। हालांकि बाद में एसडीएम हजारेश्वर पार्क में धरना देने की अनुमति दी, तब मामला शांत हुआ, लेकिन उससे पहले लगभग एक घंटे तक यहां जमकर हंगामा हुआ।

शुक्रवार को अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल की सूचना प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को देने के बाद कोविड-19 के स्वास्थ्य कर्मचारी शनिवार की सुबह साढ़े 11 बजे के आसपास कलेक्ट्रेट पहुंच गए और मुख्य गेट के बाहर ही धरना प्रारंभ कर दिया। लेकिन दोपहर साढ़े 12 बजे के आसपास कोतवाली टीआई रमेश डांडे अन्य पुलिसकर्मियों के साथ पहुंचे और कलेक्ट्रेट गेट पर धरने की अनुमति मांगी। कर्मचारियों ने अनुमति नहीं होने की बात कही तो टीआई ने उन्हें वहां से हटने के लिए कहा, अन्यथा की स्थिति में जबरन हटाने की बात कही। हालांकि इस दौरान कुछ कर्मचारियों ने डिप्टी कलेक्टर ब्रिजेंद्र यादव से अनुमति लाने की बात कही तो टीआई नहीं माने और कर्मचारियों के साथ ही डिप्टी कलेक्टर के पास पहुंच गए। डिप्टी कलेक्टर ने भी गेट की अनुमति के लिए मना कर दिया। इस दौरान कर्मचारियों ने कहा कि पहले तो हमें कोरोना योद्धा बताया और अब धरने के लिए बैठने भी नहीं दिया जा रहा है, हमें हमारे अधिकारों की तो बात करने दो, इस पर टीआई डांडे ने कहा कि अधिकार वधिकार कुछ नहीं, हमें उससे कोई मतलब नहीं, आप यहां नहीं बैठ सकते। इस बात पर कर्मचारी भडक़ गए और कलेक्ट्रेट पर नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कर्मचारियों ने उनकी बात नहीं सुनने के आरोप भी लगाए। बाद में डिप्टी कलेक्टर यादव और टीआई डांडे कर्मचारियों के दो प्रतिनिधियों को एसडीएम रूपेश उपाध्याय के पास लेकर पहुंचे। यहां एसडीएम उपाध्याय ने कहा कि कलेक्ट्रेट पर धरने की अनुमति नहीं मिलेगी, आपको हजारेश्वर पार्क में बैठने की अनुमति दे रहे हैं। इसके साथ ही आपके साथ हमारी सहानुभूति है, हम आपकी मांग को शासन तक पहुंचाएंगे।

जिला अस्पताल में कोविड सैंपल और जांच ठप
कोविड स्टाफ के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने से जिला अस्पताल में सुविधाएं चरमराने लगी हैं। चूंकि सैंपलिंग, जांच, कोविड सेंटरों में कार्य आदि यही स्टाफ करता है, लेकिन हड़ताल के चलते शनिवार को सैंपलिंग और टेस्ंिटग ठप सी हो गई। हालंाकि अस्पताल प्रबंधन ने अपने नियमित कर्मचारियों की वैकल्पिक ड्यूटी लगाकर गंभीर मरीजों की सैंपलिंग और टेस्टिंग कराई, लेकिन कामकाज प्रभावित होने लगा है।

70 के आसपास हैं जिले में कोविड कर्मचारी
मामले के मुताबिक एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) के माध्यम से कोविड-19 के नियंत्रण के लिए अनुबंध पर चिकित्सक, लैब टेक्निशियन, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, डाटा एंट्री ऑपरेटर और सपोर्ट स्टाफ आदि पदों पर कर्मचारी लगाए गए। जिले में इस प्रकार के लगभग 70 कर्मचारी हैं, जिनमें 50 के आसपास जिला अस्पताल में तैनात हैं। लेकिन सरकार द्वारा अब इन कर्मचारियों का 30 नवंबर को अनुबंध खत्म किया जा रहा है, जबकि दिसंबर के लिए कुछ ही कर्मचारियों को रखने के आदेश जारी हुए हैं। इसी से कोविड के ये कर्मचारी आक्रोशित हैं और शनिवार से प्रदेशव्यापी हड़ताल शुरू की है।

इन कर्मचारियों को पता नहीं था कि धरने के लिए अनुमति लेनी पड़ती है। इन्हें समझा दिया गया और हजारेश्वर पार्क की अनुमति दे दी गई। साथ ही इनकी मांगों को सुना गया है और इनके पक्ष में शासन को पत्र भी लिख दिया गया है।
रूपेश उपाध्याय, प्रभारी अपर कलेक्टर, श्योपुर

कोविड के कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से काम तो प्रभावित होगा, लेकिन हम वैकल्पिक व्यवस्था कर रहे हैं। अपने अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर कोविड की सेवाएं सुचारू रख रहे हैं।
डॉ.आरबी गोयल, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल श्योपुर

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