scriptkuno national park capacity in km sheopur cheetah update news | 20 चीतों के रहने की क्षमता है कूनो नेशनल पार्क में, सबसे बड़ा है वन क्षेत्र | Patrika News

20 चीतों के रहने की क्षमता है कूनो नेशनल पार्क में, सबसे बड़ा है वन क्षेत्र

kuno national park- पार्क का 748 वर्ग किमी का है रकबा, 450 वर्ग किमी का एरिया अलग

श्योपुर

Updated: September 12, 2022 04:37:27 pm

श्योपुर। अपने बेहतर पारिस्थितिकी तंत्र के चलते अफ्रीकी चीतों (cheetah) के लिए मुफीद पाए गए कूनो नेशनल पार्क (kuno national park) का एरिया भी चीतों को पूरी तरह रास आएगा। नेशनल पार्क के 748 वर्ग किमी का कुल एरिया 20 चीतों के रहवास के उपयुक्त है, साथ ही पार्क के बाहरी भाग का वनक्षेत्र और फिर सामान्य वनमंडल व शिवपुरी जिले का जंगल चीतों के स्वच्छंद विचरण के लिए असीमित क्षेत्र देगा।

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श्योपुर जिले (sheopur district) के कुल भूभाग में लगभग 3800 हेक्टेयर (इसमें सामान्य वनमंडल का 2600 वर्ग किमी और कूनो वनमंडल का 1200 वर्ग किमी) का क्षेत्र वनों से आच्छादित है। कूनो वनमंडल के इसी 1200 वर्गकिमी के एरिया में से ही 748 वर्ग किलोमीटर का एरिया कूनो नेशनल पार्क के रूप में संरक्षित है। यही वजह है कि यहां के सघन वनक्षेत्र और बेहतर पर्यावरण के चलते विशेषज्ञों ने कूनो नेशनल पार्क को अफ्रीकी चीतों के लिए उपयुक्त माना है। पहले चरण में यहां 8 चीते लाए जा रहे हैं, लेकिन यहां के एरिया में एक साथ 20 चीते रह सकते हैं। यही वजह है कि नामीबिया से 8 चीते लाने के बाद दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते लाने का प्लान तय किया गया है। डब्ल्यूआईआई के डीन वाईवी झाला के अनुसान कूनो नेशनल पार्क 20 चीतों के लिहाज से उपयुक्त रहवास है।

कूनो में चीता शिफ्टिंग कार्यक्रम के तहत सबसे पहले चीतों को दो-तीन सप्ताह के लिए छोटे-छोटे पृथक बाड़ों में रखा जाएगा। एक माह के बाद इन्हें बड़े बाड़ों में स्थानांतरित किया जाएगा। विशेषज्ञों द्वारा बड़े बाडों में चीतों के अनुकूलन संबंधी आंकलन के बाद पहले नर चीतों को और उसके पश्चात मादा चीतों को खुले जंगल में छोड़ा जाएगा। इस संबंध में आवश्यक प्रोटोकॉल के अनुसार कार्यवाही की जाएगी।

नेशनल पार्क के बाहर भी बड़ा वनक्षेत्र

अफ्रीकी चीतों को स्वच्छंद विचरण के लिए कूनो पार्क का 748 वर्ग किमी का बड़ा एरिया मिल ही रहा है। इसके बाद भी एक बड़ा वनक्षेत्र अलग से मौजूद है। जिसमें पार्क के बाहर की ओर कूनो वनमंडल का ही शेष 450 वर्ग किमी का एरिया सहित सामान्य वनमंडल श्योपुर का जंगल और उधर शिवपुरी का वन का बड़ा हिस्सा शामिल है। जहां चीते स्वच्छंद विचरण कर सकेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार क्षेत्र में शिकार का घनत्व चीतों के लिए पर्याप्त है।

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