वन चौकियों पर ताले, वन सुरक्षा में तैनात वनकर्मी, सब रेंजर गायब, कट रहे जंगल

- कराहल सब रेंज के तहत आने वाली पांच सब रेंज का मामला

By: Anoop Bhargava

Published: 17 Sep 2020, 10:54 AM IST

कराहल
जंगल की कटाई रोकने के लिए जिन क्षेत्रों में वन चौकी बनाई गई हैं वहां ही पेडों की कटाई सबसे ज्यादा हो रही है। हालत यह है कि वन माफिया कुल्हाडियां बरसाकर जंगल को नष्ट कर रहे हैं। मामला कराहल सब रेंज के तहत आने वाली पांच सब रेंज का है। वन विभाग द्वारा कई साल पहले वन चौकी का निर्माण करवाया था और वनों की रक्षा के लिए नाकेदार, डिप्टी रेंजरों को चौकी पर तैनात किया था, लेकिन नाकेदार और डिप्टी रेंजर वन चौकी पर न रहते हुए कराहल और श्योपुर में रह रहे हैं। वन चौकी पर ताला लटका रहता है। चौकियां चौकीदारों के हवाले हैं ऐसे में वन की सुरक्षा बेहतर तरीके से नहीं हो पा रही है।

कराहल के पांच सब रेंज की वन चौकियों पर ताला लगा हुआ है। सामान्य वन विभाग में पांच सब रेंज के डिप्टी रेंजर से लेकर वन सुरक्षा में तैनात स्टाफ अपने मुख्यालय पर ना रहते हुए कराहल, श्योपुर में रहते हैं। मेहरवानी सब रेंज के डिप्टी रेंजर कृष्ण भगत का करहाल में निवास बना हुआ है। वहीं वन सुरक्षा में तैनात बीट गार्ड का पूरा स्टॉफ साथ में ही निवास करता है। ऐसे में वन चौकी पर ताला लटका रहता है। जिससे वन सुरक्षा की में सेंध लग जाती है। सब रेंज वरगवां डिप्टी रेंजर काना आदिवासी अपने पूरे स्टॉफ के साथ कराहल में रहते हैं। करियादेह सब रेंज के डिप्टी रेंजर सियाराम आदिवासी का निवास भी कराहल में है। गोरस सब रेंज का भी यही हाल है।
सुरक्षा में चूक से कट रहे जंगल
वन सुरक्षा में तैनात वनकर्मियों, वन अधिकारियों के वन चौकियों पर नहीं रहने से भू-माफिय़ा जंगली क्षेत्र में खेती करने के लिए वन भूमि से पेडों को काट रहे हैं। वहीं हर दिन वन संपदा की चोरी धड़ल्ले से हो रही है। यही वजह है कि सब रेंजों में जंगलों के पेड़ों को काटे जाने की खबर वन अधिकारियों को है। फिर भी कार्रवाई नहीं की जा रही है। सब रेंज में पदस्थ डिप्टी रेंजर एवं बीट गार्ड को मुख्यालय पर रहने के निर्देश हैं। लेकिन वह निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं।

बड़ौदा रेंज में काटे जंगल बनाए खेत
बडौदा रेंज के सुसबाड़ा, वर्धा, बुखारी , पहेला, झिरन्या, पहेला में खेत बनाने के लिए माफियाओं की कुल्हाड़ी जंगल पर चली और उन्होंने खेत बना लिए। कुछ राजस्व की जमीनें जो पहले कभी चरनोई पंच वन के नाम से जंगल में तब्दील थी। इन गांव के हल्का पटवारियों से मिलकर कर राजस्व वन भूमि के नाम पर पेड़ काटकर समतल कर लीं। जमीन को समतल कर खेती भी कर ली। असल में राजस्व ओर वन विभाग के कर्मचारियों के मिले होने से माफियाओं पर कार्रवाई नहीं हो पाती। बड़ौदा कराहल रेंज में बीते साल में खैर के बेश क़ीमती पेड़ों के जंगलों को साफ कर दिया। बीते साल हज़ारों की संख्या में पेड़ों की कटाई हुई।

Anoop Bhargava Bureau Incharge
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