45 साल बाद मंडी प्रशासन ने खाली कराया पुराना कार्यालय भवन

शहर के शिवपुरी रोड पर गल्र्स स्कूल के बगल में स्थित भवन का मामला

 

 

By: Vivek Shrivastav

Published: 06 Jan 2020, 11:18 PM IST

श्योपुर. लगभग 45 साल से अवैध कब्जे में चल रहा मंडी का पुराना कार्यालय भवन सोमवार को मंडी प्रशासन ने न केवल खाली करा लिया, बल्कि अपने कब्जे में भी ले लिया। जिसके बाद मंडी प्रशासन अब इस भवन की जगह शॉपिंग कॉम्पलेक्स कम आवासीय परिसर तैयार करेगा।

बताया गया है कि शहर के शिवपुरी रोड स्थित कन्या हायरसेकंडरी स्कूल के बाहरी भाग में पुरानी मंडी कार्यालय भवन है, जिस पर वर्ष 1975 से डॉ. पाठक का कब्जा था। हालांकि शुरुआत में किराएनामे का एग्रीमेंट था, लेकिन बाद में एग्रीमेंट खत्म हो गया, बाजवूद इसके बरसों से ये अवैध कब्जे में ही चल रहा था। यही वजह है कि मंडी की जमीनों को अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए मंडी सचिव ने पिछले दिनों सात दिवस का नोटिस दिया गया। जिसके बाद डॉ. पाठक ने भवन को स्वत: ही खाली कर दिया और सोमवार को मंडी सचिव एसपी सिंह सिकरवार व अन्य कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर इसे अपने कब्जे में लेकर ताला लगा दिया। मंडी प्रशासन अब इस भवन की जगह नीचे शॉपिंग कॉम्पलेक्स और ऊपरी मंजिल पर मंडी कर्मचारियों के लिए आवास बनाने का प्रस्ताव बना रहा है। जिसे मंडी बोर्ड को भेजा जाएगा और वहां से अनुमति मिलने के बाद कार्य शुरू हो जाएगा।

15 बीघा भूमि पर अतिक्रमण चिह्नित, 150 की लिस्ट बनी

शहर के टेलीफोन एक्सचेंज के पास सहित, गुरुद्वारे के सामने, रेलवे स्टेशन के आसपास कृषि मंडी की लगभग 15 बीघा जमीन पर भी अतिक्रमण चिह्नित करने की कवायद मंडी प्रशासन द्वारा की जा रही है। इसी के तहत गठित 5 सदस्यीय टीम ने अभी 150 अतिक्रामकों की लिस्ट तैयार कर ली है। जबकि और सूची बनााई जा रही है। दो-तीन दिन में ये 5 सदस्यीय टीम अपनी रिपोर्ट मंडी प्रशासन को देगी, जिसके बाद प्रशासन के सहयोग से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की जा सकती है।

की जा रही कार्रवाई

45 साल से अवैध कब्जे में चल रहे भवन को हमने खाली कराकर अपने कब्जे में ले लिया है। वहीं 15 बीघा जमीन पर भी अतिक्रमण चिह्नित करने की कार्रवाई की जा रही है।

एसपी सिंह सिकरवार, सचिव, कृषि उपज मंडी श्योपुर

Vivek Shrivastav
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned