टीम आने से पहले मरीज से उलझी नर्से,बोली छुट्टी हो गई बाहर निकलो

-डॉक्टर ने शांत कराया महिला मरीज और नर्सोका विवाद
-निरीक्षण के लिए जिला अस्पताल पहुंची कायाकल्प टीम,टीम को दिखाने चकाचक किया अस्पताल

श्योपुर,
कायाकल्प का पुरस्कार जीतने की दौड़ में शामिल जिला अस्पताल का निरीक्षण करने के लिए कायाकल्प की दो सदस्यीय टीम शुक्रवार को जिला अस्पताल पहुंची। टीम के आने से पहले जिला अस्पताल के जनरल वार्डमें पलंगो पर नईचादर विछा रही स्टॉफनर्से, वार्ड में भर्तीएक महिला मरीज सेउलझ गई। स्टॉफ नर्सोने महिला मरीज से कहा कि तुम्हारी छुट्टी हो गई है। अब तुम वार्डसे बाहर निकल जाओ। टीम निरीक्षण करने के लिए आने वाली है।
स्टॉफनर्सो की बात सुनकर महिला मरीज लक्ष्मी गर्ग तैश में आ गई और बोली अभी मेरे साथ कोईनहीं है। मै अकेली किसके साथ जाऊंगी। मेरे पति आएंगे,तब जाऊंगी। महिला मरीज और स्टॉफ नर्सो का करीब 15 मिनट तक चला विवाद, वार्ड में पहुंचे डॉ विष्णु गर्ग ने समझाइस देकर शांत कराया। महिला लक्ष्मी गर्ग गुरुवार की रात 2 बजे पेट दर्द की शिकायत होने पर जिला अस्पताल में भर्ती हुई थी। दरअसल कायाकल्प टीम का यह फायनल निरीक्षण था। जिसकी जानकारी अस्पताल प्रबंधन को पहले से थी। इसलिए अस्पताल प्रबंधन ने गुरुवार को ही अस्पताल को चकाचक कर दिया। जिसकारण शुक्रवार को निरीक्षण के लिए पहुंची कायाकल्प की टीम को जहां अस्पताल के डॉक्टर और स्टॉफ से लेकर सफाईकर्मी तक सभी ड्रेस कोड में नजर आए। वहीं साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाएं भी चकाचक मिली।
अस्पताल प्रबंधन ने मीडिया को निरीक्षण से रखा दूर
निरीक्षण के दौरान मिली कमियां उजागर न हो पाए,इसकारण अस्पताल प्रबंधन ने कायाकल्प टीम के निरीक्षण के दौरान मीडिया को दूर रखा। निरीक्षण का कवरेज करने के लिए जो मीडियाकर्मी पहुंचे थे,उनको सिविल सर्जन डॉ आरबी गोयल ने यह बात कहते हुए दूर कर दिया कि यह हमारा विभागीय निरीक्षण है। पहले निरीक्षण हो जाने दो। इसके बाद मीडिया को बुलाकर निरीक्षण के बारे में बता देगे।
डे्रस में थे अस्पताल कर्मी,वार्डमें पलंगो पर विछी थी नई चादरे
कायाकल्प टीम के निरीक्षण को देखते हुए शुक्रवार को जिला अस्पताल का नजारा एक दम बदला-बदला था। अस्पताल में चारों तरफ साफ-सफाई चकाचक थी। वहीं वार्ड में पलंगों पर नई चादरे विछी थी। अस्पताल के डॉक्टर सहित अन्य सभी कर्मचारी ड्रेस कोड में थे। एक दम से हुए बदलाव को देखकर वार्ड में भर्ती मरीज भी हैरत में पड़ गए। जब उनको पता चला कि यह बदला हुआ नजारा निरीक्षण के चलते किया गया है। तब वार्ड में भर्ती कई मरीज बोले कि ऐसा निरीक्षण तो अस्पताल का रोज होना चाहिए।
9 घंटे तक जिला अस्पताल में रही टीम
कायाकल्प की टीम में डॉ अशोक खरे और डॉ वीरेन्द्र सिंह शामिल थे। टीम का निरीक्षण सुबह 10:30 बजे शुरु हुआ,जो शाम 7:30 बजे तक चला। करीब नौघंटे तक अस्पताल में रही टीम ने ब्लड बैंक, ओपीडी, इमरजेंसी कक्ष, डॉक्टर डयूटी कक्ष, वार्ड, नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई, पोषण पुनर्वास केंद्र, मेटरनिटी वार्ड, ऑपरेशन थियेटर,पीएम हाउस का निरीक्षण कर साफ-सफाई,मेडिकल कचरे के निस्तारण के लिए प्रबंध, सुरक्षा इंतजाम और स्वच्छता प्रबंधों आदि का जायजा लिया। वहीं अस्पताल के आसपास का क्षेत्र भी देखा। इस दौरान टीम को अस्पताल भवन में कुछ स्थानों पर सीलन सहित अन्य कई छोटी मोटी खामिया मिली। वहीं कुछ अच्छाई भी मिली।जिनको टीम ने नोट दिया। जिनके आधार पर टीम अंक देगी और उन अंको के आधार पर अस्पताल को पुरस्कार मिलना तय होगा।

Laxmi Narayan Reporting
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