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आंकड़ों के सहारे बना वाहवाही का ओडीएफ

locationश्योपुरPublished: Jan 13, 2022 05:49:47 pm

Submitted by:

Anoop Bhargava

- पंचायतों में धरातल से गायब ओडीएफ
- कहीं शौचालयों पर ताले, कहीं बन गए भूसा घर

आंकड़ों के सहारे बना वाहवाही का ओडीएफ
आंकड़ों के सहारे बना वाहवाही का ओडीएफ
अनूप भार्गव/श्योपुर
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के क्लीन इंडिया के सपने को पूरा करने के उद्देश्य से स्वच्छ भारत अभियान को लांच किया गया था। इस दौरान 2 अक्टूबर 2019 तक स्वच्छ भारत बनाने का वादा था। मगर श्योपुर जिले के अधिकारी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पीएम नरेंद्र मोदी के इस सपने पर खरे नहीं उतर सके है। आंकड़ों में भले ही जिले में 87 हजार शौचालय बनाकर जिले को ओडीएफ घोषित करा लिया गया, लेकिन हकीकत में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए गए शौचालयों में कहीं ताले पडे हैं तो कहीं वे भूसा घर बनकर रह गए है। कराहल विकासखंड में स्थिति बेकार है।
कराहल विकासखंड की 50 पंचायतों में 22 हजार शौचालय बनाए गए। इनमें से महज 10 फीसदी का उपयोग बामुश्किल किया जा रहा है। जबकि अन्य शौचालय अनुपयोगी साबित हो रहे हैं। जिले में 87 हजार शौचालय का निर्माण किया है। इनमें से कराहल और विजयपुर विकासखंड में बनाए गए शौचालयों की स्थिति बेकार है। इन विकासखंड की पंचायतों में आज भी खुले में शौच के लिए लोग जा रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन के आंकड़ों के मुताबिक जिले में बनाए गए 87 हजार 705 शौचालयों पर 105 करोड़ 24 लाख 60 हजार रुपए खर्च किए गए हैं। जाहिर है कि शौचालय निर्माण में भारी भरकम राशि खर्च होने के बाद भी नतीजा ढाक के तीन पात नजर आता है।
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