डेढ़ माह बाद खुले बाजार तो लौटी रौनक

लॉकडाउन-3 में तमाम रियायतों के बाद शहर के मुख्य बाजार और कंटेनमेंट एरिया को छोड़कर खुली दुकानें
शहर के मुख्य बाजार में दुकानें खोलने को लेकर भी उठ रही मांग, ग्रामीण क्षेत्रों में खूब दिखी गहमागहमी

श्योपुर. कोरोना महामारी के चलते लागू किए लॉकडाउन से बीते डेढ़ माह से बंद बाजारों में सोमवार को फिर से रौनक लौटी नजर आई। हालांकि अभी 17 मई तक लॉकडाउन है, लेकिन श्योपुर जिला ऑरेंज जोन में होने के कारण शासन-प्रशासन ने कुछ रियायतों के साथ दुकानें खोलने की छूट दी है। यही वजह है कि शहर सहित जिले भर के बाजारों में दुकानें खुलीं, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग का मखौल भी पूरी तरह उड़ा। बाजारों और दुकानों के आगे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कहीं नजर नहीं आया।


लॉकडाउन-3 के लिए जिला प्रशासन ने रविवार की शाम को शर्तों और रियायतों के साथ नया आदेश जारी किया। इसी के मुताबिक सोमवार को सुबह 7 बजे से ही बाजारों में दुकानें खुल गईं। मुख्य बाजार और कंटेनमेंट जोन को छोड़कर शहर के पाली रोड, बड़ौदा रोड, शिवपुरी रोड सहित अन्य इलाकों, कॉलोनियों और गली-मोहल्लों में किराना दुकानें सहित तमाम तरह की दुकानें खुली। यही वजह रही कि बाजारों और सड़कों पर लोगों की भीड़ दिखाई दी और सोशल डिस्टेंसिंग का मखौल जमकर उड़ा। यही नहीं सार्वजनिक वाहन बंद होने के बाद भी सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव अचानक बढ़ गया। दुपहिया वाहनों की खूब रेलमपेल रही। शहर के साथ ही जिले के ग्रामीण इलाकों में भी लॉकडाउन-3 में काफी राहत मिली। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में तो पहले ही दुकानें खुल रही थी, लेकिन अब सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक का समय बढ़ाए जाने और अन्य तमाम तरह की दुकानों की भी छूट देने कस्बाई बाजारों में रौनक आई, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग का यहां भी पालन नहीं हुआ।


मुख्य बाजार के व्यापारियों का विरोध, खुलें यहां भी दुकानें

लॉकडाउन-3 में प्रशासन ने राहत तो दी है, लेकिन शहर के मुख्य बाजार, टोड़ी बाजार और बोहरा बाजार में अभी दुकानें खोलने पर पाबंदी है। इस आदेश का बाजार के दुकानदारों द्वारा विरोध किया जा रहा है और दुकानें खोलने की अनुमति दिए जाने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि श्योपुर में अभी कोई संक्रमित मरीज नहीं है और पहले के चार मरीज ठीक हो चुके हैं, लिहाजा श्योपुर को ग्रीन जोन में शामिल कर मुख्य बाजार भी खोला जाए। मुख्य बाजार के दुकानदार तो सोशल मीडिया पर प्रशासन के आदेश पर सवाल भी उठा रहे हैं। वहीं जिला व्यापार महासंघ ने सोमवार को जिला प्रशासन को एक ज्ञापन देकर कंटेनमेंट को छोड़कर शहर सहित जिले भर में सभी तरह की दुकानें खोलने की मांग उठाई है।


43 दिन बाद दिखी राहत

कोरोना संक्रमण के लॉकडाउन में पूरे 43 दिन बाद सोमवार को थेाड़ी राहत दिखी। 22 मार्च को जनता कफ्र्यू, 23 व 24 मार्च को स्थानीय प्रशासन का लॉकडाउन, 25 मार्च से 14 अप्रैल तक पहला लॉकडाउन और 15 अप्रैल से 3 मई तक दूसरा लॉकडाउन रहा। इस प्रकार कुल 43 दिन के बाद 44वें दिन लॉकडाउन-3 लागू हुआ तो कुछ रियायतें मिली हैं, जिससे जीवन फिर पटरी पर लौटने की उम्मीद है।


कुछ जगह पुलिस ने बंद कराई दुकानें

लॉकडाउन-3 में कई दुकानों को छूट मिली हैं, लेकिन अभी भी कई दुकानें खोलने पर पाबंदी है। यही वजह है कि सोमवार को शहर में जब पाबंदी वाली कुछ दुकानें खुली तो पुलिस ने उन्हे बंद कराया, वहीं वहां लगी भीड़ को भी तितर-बितर किया। शहर के पुराना बसस्टैंड के निकट टेलर आदि की दुकानें खुल गई, जिन्हें पुलिस ने बंद कराया।

महेंद्र राजोरे Desk
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