स्वच्छता पर दाग लगा रहे हैं जिले में खुले शौचालय

दर्जन भर लोगों के खिलाफ एसडीएम कोर्ट में भी केस दर्ज


क्लीन श्योपुर अभियान की बैठक में कलेक्टर भी जता चुके चिंता

By: rishi jaiswal

Published: 30 Jan 2021, 11:11 PM IST

श्योपुर. महज पांच किलोमीटर के दायरे में फैले श्योपुर शहर में भले ही नपा और जिला प्रशासन क्लीन श्योपुर अभियान चलाकर स्वच्छता की दौड़ मेें अव्वल आने का प्रयास कर रहा हो, लेकिन खुले शौचालय स्वच्छता पर दाग बने हुए हैं। नगर पालिका द्वारा पिछले दिनों कराए गए सर्वे में शहर में 365 खुले शौचालय मिले हैं। हालांकि कार्रवाई के लिए नपा ने 246 लोगों को नोटिस भी जारी कर दिए हैं, लेकिन खुले शौचालय जब तक सख्ती से बंद नहीं होंगे, तब तक शहर में आवारा सूअरों की धमाचौकड़ी भी खत्म नहीं होगी।


बीते रोज आयोजित क्लीन श्योपुर अभियान की बैठक में कलेक्टर राकेश कुमार श्रीवास्तव भी शहर में खुले शौचालयों की गंभीर स्थिति पर चिंता जता चुके हैं और नपा सीएमओ को इस पर कार्रवाई के लिए निर्देश दे चुके हैं। बैठक में उन्होंने कहा था कि श्योपुर शहर में 365 के आसपास खुले शौचालय हैं, जो शायद प्रदेश में सबसे ज्यादा होंगे। कलेक्टर की इस टिप्पणी के बाद नपा के अफसर अब खुले शौचालयों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी में हंै। बताया गया है कि अभी तक 246 लोगों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं, जिनमें से कुछ ने तो जवाब भी दे दिया है और कुछ ने तोडऩे भी शुरू कर दिए हैं। जबकि पिछले दिनों नपा की टीम ने भी कुछ जगह खुले शौचालय बंद कराए हैं। इसके साथ ही नपा के नोटिसों के बाद भी खुले शौचालय बंद नहीं करने वाले दर्जनभर लोगों के खिलाफ नपा के अफसरों ने एसडीएम न्यायालय में पब्लिक न्यूसेंस का केस भी दर्ज कराया है। नपा के सब इंजीनियर और स्वच्छता सर्वे के नोडल अधिकारी अभय प्रताप सिंह के मुताबिक शहर में खुले शौचालयों पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है, इसके लिए नोटिस जारी कर दिए गए हैं।

नालों के चैनलाइजेशन का भेजा प्रस्ताव
शहर के गंदे नालों से प्रदूषित हो रही सीप नदी को बचाने के लिए अब नपा द्वारा नालों का चैनलाइजेशन किया जाएगा। हालांकि इस संबंध में कुछ साल पहले भी प्रस्ताव बनाया गया था, लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया। अब नपा प्रशासन ने नए सिरे से 10 करोड़ रुपए की लागत का नया प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है। जिसमें शहर से निकलने वाले 18 नालों को सीप नदी में गिरने से पहले एक जगह चैनलाइजेशन किया जाएगा और पानी ट्रीटमेंट कर फिर नदी में छोड़ा जाएगा।

कई संपन्न लोगों के घरों में भी खुले शौचालय

शहर के कई इलाकों में ऐसे घरों में भी खुले शौचालय हैं, जो आर्थिक रूप से संपन्न हैं, बावजूद इसके ऐसे लोगों ने भी अपने शौचालयों का मल-मूत्र नालियों में ही छोड़ रखा है। जिसके चलते आवारा सूअरों की धमाचौकड़ी भी गली मोहल्लों में नजर आती है। पुराने शहर के वार्ड 2,3,4,5,6, 18, 19, 20, 21 आदि के कई इलाकों पुरानी सब्जी मंडी, जोशी मोहल्ला, सरावगी मोहल्ला, खरादी बाजार क्षेत्र, बालापुरा क्षेत्र आदि कई जगह आज भी खुले शौचालय (इसमें मल-मूत्र सीधे नालियों में छोड़ा जाता है) घरों में बने हुए हैं। वहीं नए शहर के कई इलाकों गांधीनगर, मुक्तिनाद नगर आदि इलाकों में लोगों ने अभी खुले शौचालय ही बनाए हुए हैं। जिसके कारण न केवल गंदगी फैल रही है, बल्कि बीमारियों को भी आमंत्रण मिल रहा है।

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