RED ALERT: श्योपुर जिले में बाढ़ से हालात, चंबल-पार्वती में उफान, टापू बने दो गांव, दो दर्जन में अलर्ट

RED ALERT: श्योपुर जिले में बाढ़ से हालात, चंबल-पार्वती में उफान, टापू बने दो गांव, दो दर्जन में अलर्ट

Gaurav Sen | Updated: 17 Aug 2019, 10:41:01 AM (IST) Sheopur, Sheopur, Madhya Pradesh, India

तीनों हाइवे बंद होने से श्येापुर का राजस्थान से टूटा संपर्क, दोनों नदी किनारे के गांवों के निचले इलाके जलमग्न , कई निचले इलाके घर खाली कराए गए

श्योपुर। मप्र के मालवा और राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र में हो रही भारी बारिश के चलते शुक्रवार को श्योपुर में चंबल और पार्वती नदियां न केवल रौद्र रूप में आ गई, बल्कि दिन भर खतरे के निशान के ऊपर बहती रही। जिसके चलते श्योपुर में बाढ़ से हालात हो गए । हालांकि जिला प्रशासन ने दोनों नदी किनारे के दो दर्जन गांवों में हाइअलर्ट घोषित कर दिया है, लेकिन पार्वती नदी में सूंडी और चंबल नदी में सांड गांव टापू बन गए। वहीं नदी किनारे के गांवों के निचले इलाकों और खेतों में पानी भर गया है, जिससे ये इलाके जलमग्न हो गए। जिसके बाद कुछ जगह से निचली बस्तियों के घर खाली कराकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

वहीं हालातों पर पर प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। यही नहीं दोनों नदियों के उफान से राजस्थान की ओर जाने वाले तीनों मार्ग बंद हो गए, जिससे श्योपुर का राजस्थान से संपर्क टूट गया। नदियों के रौद्र रूप के प्रशासन की टीमें और बाढ़ आपदा प्रबंधन की टीमें भी अलर्ट मोड में आ गई हैं।

यही वजह है कि सूंडी और सांड गांव के पास 24 घंटे होमगार्ड का कैंप किया जा रहा है, जबकि नदी किनारे के अन्य दो दर्जन गांवों में अन्य मैदानी अमले को तैनात कर दिया गया है। कुहांजापुर, बड़ौदिया बिंदी, जलालपुरा झोंपड़ी, कीरपुरा, सामरसा, जैनी आदि गांवों के निचले इलाकों में चंबल और पार्वती नदियों का पानी आ गया है। इसके साथ ही ढोढर, वीरपुर क्षेत्र के गांवों के निचले इलाकों में भी चंबल नदी का पानी पहुंच गया है। कलेक्टर बसंत कुर्रे ने भी मंदसौर जिले के गांधीसागर बांध से पानी छोड़े जाने के मिले अलर्ट के बाद श्योपुर जिले के तीनों एसडीएम अन्य अफसरों को पत्र जारी कर नदियों की स्थिति पर नजर रखने के लिए अलर्ट जारी किया है।

खातौली पुल पर 25 फीट तो सूरथाग पर 10 फीट पानी
चंबल-पार्वती नदियों के रौद्र रूप से श्योपुर को राजस्थान से जोडऩे वाले तीनों मार्ग बंद हो गए हैं। पार्वती नदी के उफान से डूबे श्योपुर-कोटा हाइवे के खातौली पुल पर 25 फीट पानी है, जबकि श्योपुर-बारां हाइवे पर कुहांजापुर के सूरथाग पुल पर 10 फीट पानी है। वहीं चंबल नदी के उफान से दांतरदा के निकट की द्वार नदी का पानी उल्टा बहने लगा, जिससे दांतरदा के निकट चंदाड़ा की रपटा पुलिया पर तीन-तीन फीट पानी हो गया और श्योपुर-सवाईमाधोपुर हाइवे पर भी आवागमन बंद हो गया।

24 घंटे में 35 फीट चंबल तो पार्वती 25 फीट बढ़ा जलस्तर

इस सीजन में पहली बार खतरे के निशान पर आई चंबल और पार्वती 24 घंटे की अवधि में बेतहाशा चढ़ी है। स्थिति यह है कि 15 अगस्त की सुबह 8 बजे से 16 अगस्त की सुबह 18 बजे तक के 24 घंटे में चंबल में 35 फीट पानी बढ़ा है, जबकि पार्वती में 25 फीट पानी की बढ़ोत्तरी हुई है। इसके बाद शुक्रवार को दिन भर में चंबल में 10 फीट बढ़ी तो पार्वती में में 7 फीट का इजाफा रहा। पार्वती रात में ही खतरे के निशान के ऊपर हो गई, जबकि चंबल शुक्रवार की दोपहर 12 बजे के आसपास खतरे के निशान के ऊपर पहुंची।

श्योपुर में 24 घंटे में 18 मिमी बारिश
पड़ौसी हाड़ौती क्षेत्र में भारी बारिश के बीच श्येापुर जिले में भी रिमझिम तो कभी झमाझम बारिश का दौर जारी है। हालांकि चंबल और पार्वती को छोडकऱ जिले के अन्य नदी नाले शांत हैं, लेकिन लगातार बारिश से प्रशासन की नजर जिले की भीतरी नदियों पर भी है। भू अभिलेख विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटे में 18.8 मिमी बारिश हुई है, जबकि कुल बारिश का आंकड़ा 561.8 मिमी पर पहुंच गया है।

ये भी जानिए

  • मंदसौर जिले में स्थित चंबल के सबसे बड़े बांध गांधीसागर में 1312 फीट भराव क्षमता के विरुद्ध 1303.44 फीट पानी हो गया।
  • राजस्थान के कोटा बैराज से 15 अगस्त की दोपहर सवा लाख क्यूसेक पानी चंबल में डिस्चार्ज किया गया।
  • राजस्थान के कोटा बैराज से 16 अगस्त की सुबह कुल 18 में से 16 गेट खेालकर 1 लाख 13 हजार 168 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि शाम 4 बजे 13 गेट खोलकर 77 हजार 610 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
  • पार्वती नदी के उफान से कुहांजापुर गांव के निचले इलाकों में पानी भर गया और बाढ़ जैसी स्थितियां नजर आई।
  • पार्वती नदी किनारे के जलालपुरा और झोंपड़ी में पानी भरने से खेतों में बने आधा दर्जन मकान खाली कराए गए और ग्रामीणों को निकाला, जबकि सूंडी गांव में भी कुछ परिवारों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया। वहीं इचनाखेड़ी के भी कुछ घर खाली कराए गए।
  • चंबल नदी के उफान से प्रभावित सामरसा, जैनी, रिझेंटा, जमूर्दी और खैरोदाकला गांव के भी निचले इलाकों में बसे कुछ घरों को खाली कराकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा गया।
  • श्योपुर विधायक बाबू जंडेल ने जलालपुरा, सूंडी, झोंपड़ी, सामरसा, दांतरदा आदि गांवों में पहुंचकर प्रभावित लोगों से चर्चा की।

 

चंबल और पार्वती नदियों का यूं रहा जलस्तर (मीटर में)

स्थिति चंबल पार्वती
15 अगस्त सुबह 8 बजे 187. 17 194. 30
16 अगस्त सुबह 8 बजे 198. 06 202. 00
16 अगस्त दोपहर 12 बजे 201. 36 203. 00
16 अगस्त शाम 4 बजे 201. 50 204. 00
ये है खतरे का निशान 199. 50 198. 00

लगातार निगरानी की जा रही है
जिले में पार्वती और चंबल नदी के जलस्तर को लेकर अधिकारियों को अलर्ट कर दिया गया है। सूंडी और सांड गांव सहित अन्य नदी किनारे के गांवों में लगातार स्थिति पर निगरानी की जा रही है। बाढ़-आपदा की टीमें लगातार कैंप कर रही हैं।
बसंत कुर्रे, कलेक्टर, श्योपुर

parvati and chambal river sheopur

पार्वती नदी का रौद्र रूप, डूबा क्षेत्र

parvati and chambal river in sheopur

चंबल के उफान से पाली पुल के निकट से गुजरता पानी

parvati and chambal river sheopur

बाढ़़ में फंसे लोगों को रेस्क्यू करती हुई आपदा प्रबंधन की टीम

parvati and chambal river sheopur

श्योपुर-कोटा हाइवे पर पार्वती का रौद्र रूप से खातौली पुल से कई फीट ऊपर बहता पानी।

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