प्रदर्शन कर रहे किसानों को खदेडऩे पुलिस ने फेंकी पानी की बौछारें

कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन को समर्थन देने और कृषि कानून वापस लेने की मांग के साथ रविवार को केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के संसदीय क्षेत्र श्योपुर में भी किसान सडक़ पर उतर आए।

By: rishi jaiswal

Published: 29 Nov 2020, 11:33 PM IST

श्योपुर. कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन को समर्थन देने और कृषि कानून वापस लेने की मांग के साथ रविवार को केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के संसदीय क्षेत्र श्योपुर में भी किसान सडक़ पर उतर आए। इस दौरान किसानों ने पहले तो हजारेश्वर पार्क में तीन घंटे तक धरना दिया, उसके बाद जयस्तंभ पहुंचकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। हालांकि किसानों को भीड़ को खदेडऩे और प्रदर्शन रोकने पुलिस ने पानी की बौछारें भी फेंकी, लेकिन असफल रही। इस दौरान किसानों ने जमकर नारेबाजी की।


संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सुबह 11 बजे से शहर के हजारेश्वर पार्क में एकत्रित हुए किसानों ने धरना प्रदर्शन कर केंद्र सरकार को आड़े हाथ लिया। इसके बाद किसानों ने हजारेश्वर पार्क से एसएएफ लाइन, गुलंबर, मुख्य बाजार होते हुए सूबात कचहरी तक पैदल मार्च किया और फिर यहां से वापस जयस्तंभ पर आकर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शन को रोकने और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने नगरपालिका की फायरब्रिगेड गाड़ी से पानी की बौछारें भी फेंकी, लेकिन किसान पहले से तैयारी में थे। वहीं कुछ किसान फायरब्रिगेड गाड़ी पर भी चढ़ गए और पानी के पाइप का मुंह ही दूसरी ओर मोड़ दिया। इसके बाद किसानों ने केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और कृषि मंत्री के खिलाफ जमकर नारे लगाए और कृषि कानून वापस लेने की मांग की। रविवार को प्रदर्शन के बाद अब संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसान दिल्ली कूच की भी तैयारी कर रहे हैं।

किसान बोले-दुर्भाग्य हमारा कि कृषि मंत्री हमारे यहां से हैं
जयस्तंभ पर प्रदर्शन से पहले किसानों ने हजारेश्वर पार्क में तीन घंटे तक धरना दिया और केंद्र सरकार को जमकर कोसा। अपने संबोधन में किसानों ने कहा कि केंद्र सरकार उद्योगपतियों के लिए काम कर रही है, इसलिए ये किसान विरोधी काले कानून लाए गए हैं। श्योपुर का तो दुर्भाग्य है कि काले कानून लाने वाले कृषि मंत्री भी हमारे यहां के सांसद हैं। इन कानून के विरोध में किसान शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन किसानों को आतंकवादी, खालिस्तानी और देशद्रोही कहा जा रहा है, लेकिन यदि किसानों के हक की बात करना आतंकवाद और खालिस्तान है तो, हां हम आतंकवादी और खालिस्तानी हैं। प्रदर्शन के दौरान अनिल सिंह, राधेश्याम मूंडला, योगेश जाट, रितेश तोमर, जसवंत बछेरी, गुरपेज सिंह, डॉ.लक्ष्मण गुर्जर सहित बड़ी संख्या में विभिन्न संगठनों और संस्थाओं के प्रतिनिधि और किसान मौजूद रहे।

rishi jaiswal
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned