गांव गोद लेकर पुलिस मिटाएगी कुपोषण का कलंक

गांव गोद लेकर पुलिस मिटाएगी कुपोषण का कलंक
गांव गोद लेकर पुलिस मिटाएगी कुपोषण का कलंक

Laxmi Narayan | Updated: 09 Oct 2019, 08:30:08 PM (IST) Sheopur, Sheopur, Madhya Pradesh, India

-एडीजी चंबल रेंज कराहल के एक गांव को गोद लेकर शुरु करेगे पहल
-अन्य पुलिस अफसर भी कुपोषण के जोर वाले गांवों को लेगे गोद

श्योपुर,
गुंडे-बदमाशों को सबक सिखाने वाली पुलिस, अब श्योपुर जिले के माथे पर लगे कुपोषण के कलंक को मिटाएगी। इसके लिए पुलिस जिस गांव में कुपोषण का जोर है,उन गांवो को गोद लेकर नई पहल शुरु करेगी। जिसमें महिला बाल विकास विभाग सहित अन्य जिम्मेदार अमले को भी साथ लेगी। पुलिस की नई पहल की शुरुआत एडीजी चंबल रेंज डीपी गुप्ता गुरुवार को कराहल के उपरीखोरी गांव को गोद लेकर करेगे।
इसके बाद जिले के अन्य पुलिस अफसर भी एक-एक गांव को गोद लेकर जिले को कुपोषण से मुक्ति दिलाएंगे। गांव गोद लेने के लिए एडीजी चंबल रंेज डीपी गुप्ता गुरुवार सुबह 11 बजे आदिवासी विकासखंड कराहल के ग्राम उपरीखोरी पहुंचेगे। जहां वे उपरीखोरी गांव को गोद लेगे। इस दौरान यहां कलेक्टर बसंत कुर्रे और एसपी नगेन्द्र सिंह, महिला बाल विकास अधिकारी ओपी पांडे सहित अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहेगे। गांव गोद लेने के बाद पुलिस गांव को कुपोषण से मुक्त करने के लिए प्रयास शुरु कर देगी।
जिले के 180 गांवों में है कुपोषण का जोर
श्योपुर के माथे पर कुपोषण का कलंक काफी समय से लगा है। हालांकि सरकार ने कुपोषण को मिटाने के लिए काफी बजट भी प्रदान किया। मगर इसके बाद भी कुपोषण का कलंक अभी तक नहीं मिट सका। यही वजह है कि जिले में कुपोषण से बच्चों की मौत होने के मामले आए दिन सामने आते रहते है। महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों की माने तो जिले में कुपोषण का जोर आदिवासी बाहुल्य जिले के 180 गांवों में है।

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