नशे के दलदल में फंसे युवाओं को बाहर निकालने की पुलिस चलाएगी मुहिम

-एसपी ने बनाई योजना,जल्द धरातल पर उतरेगी मुहिम
-पुलिस मुहिम में स्वयंसेवी संस्थाओं और समाज के प्रतिनिधियों को भी बनाएगी सहयोगी

By: Laxmi Narayan

Published: 07 Jul 2019, 09:02 PM IST

एलएन शर्मा श्योपुर,
जिले में नशे की लत में पड़कर युवा चोरी, लूटपाट और हत्या जैसे अपराध कर रहे हैं। इससे हंसते खेलते परिवार जहां बर्बाद हो रहे हैं वहीं खुद युवा मुख्यधारा से कट कर अपने जीवन को नीरस बना रहे हैं। पुलिस भी मान रही है कि जिले में बढ़ रहे अपराधों के पीछे मुख्य कारण नशा ही है। पुलिस ने यह इसलिए माना,क्योंकि कराहल में युवक की हत्या और श्योपुर में चोरी सहित अन्य कई वारदातों में शामिल आरोपी नशेड़ी निकले है। जबकि छह माह में 550 ऐसे लोग भी पुलिस ने पकड़े है,जो न सिर्फ नशा की लत के शिकार है,बल्कि नशे का कारोबार कर रहे थे। इसलिए पुलिस जिले को नशा मुक्त बनाने के लिए नशे के दलदल में फंसे युवाओ को रास्ते पर लाने की एक नई मुहिम चलाएगी।
खास बात यह है कि पुलिस जिले में ऐसी मुहिम पहली बार चलाएगी।जिसमें पुलिस नशा मुक्ति को लेकर कार्य करने वाली स्वयंसेवी संस्थाओं सहित समाज के प्रतिनिधियों का भी सहयोग लेगी। साथही डंडे का जोर कम बल्कि सोशल रोल ज्यादा दिखाएगी। ताकि रास्ता भटके युवा जल्द ही नशे से दूर होकर मुख्य धारा से जुड़ सके। इसके लिए एसपी नगेन्द्र सिंह ने पूरी प्लानिंग कर ली है। एसपी का कहना है कि इस मुहिम को जल्द ही धरातल पर उतारा जाएगा।
यहां है नशे का ज्यादा जोर
गांजा, स्मैक,ड्र्रग्स,डोडा चूरा जैसे नशे के शौकीन लोग तो जिले के अधिकांश गांवों में मौजूद है। मगर इस नशे का सबसे ज्यादा जोर शहर श्योपुर सहित सोईकलां, ढोढर,ढोटी,प्रेमसर, ईच्छापुरा, दांतरदा, बड़ौदा, पांडोला, राड़ेप, मकड़ावदा, उदोतपुरा, कराहल, सेसईपुरा, बरगवां, गोरस, विजयपुर, गोहटा, मेदावली, इकलौद, वीरपुर, बेनीपुरा, गसवानी, सहसराम, अगरा आदि गांवों में है। इन गांवों में सबसे ज्यादा युवा वर्ग ही नशे की लत के शिकार है।
नशे के जोर वाले गांवों में लगाए जाएंगे शिविर
इस नई मुहिम के तहत पुलिस नशे के जोर वाले गांवों में पहले जागरुकता शिविर लगाएगी।जिसमें पुलिस के अधिकारी जहां उदाहरण देकर नशे के दुष्प्रभाव के बारे में बताएंगे। वहीं नशा छोडऩे के लिए युवाओं को जागरुक भी करेगे। इसके बाद नशे की लत के शिकार युवाओ को चिन्हित कर उनके परिवार के लोगों के सहयोग से नशा मुक्ति केन्द्र भेजे जाएंगे। इसके अलावा पुलिस नशा कारोबोरियों के खिलाफ भी कार्रवाई तेज करेगी। ताकि नशे का कारोबार भी बंद हो।
छह माह में पकड़ा डेढ़ करोड़ का नशा
इस मुहिम को चलाने से पहले पुलिस जिले में नशा कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की मुहिम चला चुकी है। इसके तहत पुलिस ने एक जनवरी से 30 जून तक नशा करते और नशा कारोबार करते 550 लोग पकड़े है। वहीं करीब डेढ़ करोड़ रुपए का मादक पदार्थ भी जब्त किया है।जिसमें 75 ग्राम स्मैक,२ हजार किलो गांजा,6 किलो डोडा चूरा,4 हजार लीटर अवैध शराब शामिल है।
वर्जन
जिले में अपराधो का सबसे बड़ा कारण नशा है। इसलिए जिले को नशा मुक्त बनाएंगे। इसके लिए नशे के कारोबार पर ओर कड़ी कार्रवाई करेगे,साथही नशे के दलदल में फंसे युवाओं को मुख्यधारा से जोडऩे के लिए भी मुहिम शुरु करेगे। इसमें स्वयंसेवी संस्थाओं सहित समाज के सभी वर्गो का सहयोग भी लेगे।
नगेन्द्र सिंह
एसपी,श्योपुर

फैक्ट फाइल
05-लाख रुपए की पकड़ी गई स्मैक
01-करोड़ 25 लाख का पकड़ा गया गांजा
30-हजार का डोडा चूरा पकड़ा गया
10-लाख की पकड़ी गई शराब
नोट-यह आंकड़े इस साल एक जनवरी से 30 जून तक के है।

Laxmi Narayan
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