तीसरे चरण की तैयारी, पहले और दूसरे चरण की दर्जन भर सड़कें अधूरी

धीमी गति से चल रहा काम, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क की दर्जन भर सड़कें अधूरी

श्योपुर. प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में भले ही तीसरे फेज में सड़कों के निर्माण की तैयारी चल रही हो, लेकिन धरातल पर अभी पहले और दूसरे चरण की दर्जन भर सड़कें अधूरी पड़ी हैं। जिसके कारण ग्रामीणों को अभी भी पक्की सड़कों का लाभ नहीं मिल पा रहा है। हालांकि अफसर कार्य जल्द पूर्ण कर 30 अप्रैल तक निर्माण पूर्ण कराने का दावा कर रहे हैं, लेकिन बीते तीन-चार सालों में स्वीकृत हुई सड़कों का अभी तक अधर में लटकना विभागीय लापरवाही को दर्शाता है।


बताया गया है कि जिले में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में फेज-1 और फेज-2 के अंतर्गत वर्ष 2012-13 से 2017-18 के बीच कुल 22 नई सड़कों को स्वीकृति मिली। जिसमें से अभी तक 12 सड़कों का ही निर्माण हो पाया है, जबकि 10 सड़कें अभी भी अधूरी पड़ी हैं। इनमें से कुछ जगह तो काम भी नजर नहीं आ रहा है। विभागीय अफसरों और ठेकेदारों की लापरवाही के कारण सड़कें अधूरी पड़ी है, जिसके कारण क्षेत्र के गांव सड़कें स्वीकृत होने के बाद भी पक्की सड़कों से नहीं जुड़ पाए हैं।


ये सड़कें अभी अधूरी पड़ी


विभागीय रिकॉर्ड में ही जो सड़कें अभी अधूरी पड़ी हैं, उनमें टी-1 से लात, एल-087 (गोहेड़ा) से फतेहपुर, चंबल केनाल से अजनोई वाया डाबली, कालीतलाई से नीमोदामठ, टी-03 (मगरदेह) से दुबेरा, टी-6 श्योपुर से ढोढर और टी-07 शिवपुरी श्योपुर रोड से केरका सरजूपुरा सड़कें शामिल हैं। जो अभी अधूरी पड़ी हैं।


29 पुल-पुलियाएं भी अधूरे


पीएमजीएसवाय के फेज-1 और फेज-2 के अंतर्गत सड़कों के साथ ही विभिन्न सड़क मार्गों में नए और पुराने पुल-पुलियाएं भी स्वीकृत हुए। वर्ष 2016-17 से 2017-18 के बीच के वर्षों में जिले में कुल 52 पुल पुलियाएं स्वीकृत हुई, जिसमें से अभी भी 29 पुल-पुलियाएं अधूरे पड़े हैं। जिसके कारण इन सड़क मार्गों पर बारिश के दिनों में आवागमन बाधित हो जाता है।


दो साल में भी नहीं बन पाया केनाल रोड


जिलें में पीएमजीएसवाय की जो सड़कें अधूरी पड़ी है, उनमें सबसे बड़ी श्योपुर से ढोढर की केनाल रोड भी शामिल है। ये सड़क बीते दो साल में भी पूरी नहीं हो पाई है और भी तो इस वर्ष पूरी होने की संभावना कम नजर आ रही है। स्थिति यह है कि 35 किलोमीटर लंबाई की इस सड़क निर्माण के लिए 15 मार्च 2018 को वर्कऑर्डर जारी किया गया, लेकिन अब दो साल बीतने के बाद भी 50 फीसदी भी काम नहीं हो पाया है।

सड़कों का काम तेज गति से चल रहा है। मटेरियल की दिक्कतें थी, जिसके कारण काम डिले हो गए हैं, लेकिन 30 अप्रैल तक सड़क मार्ग पूर्ण हो जाएंगे। जबकि पुल-पुलियाएं टाइम लिमिट में ही चल रहे हैं।
ओपी दशोरा, महाप्रबंधक, पीएमजीएसवाय श्योपुर

महेंद्र राजोरे Desk
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