पंजाब के राजस्व मंत्री बोले..ऐसी बर्बरता पूर्ण कार्रवाई करने में अफसरों को शर्म नहीं आई!

पंजाब के राजस्व मंत्री बोले..ऐसी बर्बरता पूर्ण कार्रवाई करने में अफसरों को शर्म नहीं आई!
- पंजाब सरकार की टीम ने प्रशासन के एंटी भू-माफिया अभियान पर उठाए सवाल
- राजस्व मंत्री ने कहा..मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को देंगे रिपोर्ट, दोषी अफसरों पर कराएंगे कार्रवाई
- सिरोमणि अकाली दल सांसद भी आए, बोले.. 84 के दंगे हम नहीं भूले, जिसमें मुख्यमंत्री कमलनाथ का नाम आ रहा है

श्योपुर/कराहल
एंटी भू-माफिया अभियान के दौरान कराहल में सिख समुदाय के लोगों पर हुई कार्रवाई को पंजाब सरकार की टीम ने बर्बरतापूर्ण करार दिया। पंजाब के राजस्व मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ ने कहा कि ऐसी कार्रवाई करने में अफसरों को शर्म तक नहीं आई। उन्होंने कलेक्टर प्रतिभा पाल से कहा कि 21 किलोमीटर दूर जाकर कार्रवाई क्यों की गई, क्या आसपास कोई भू-माफिया नहीं था। इस कार्रवाई को देखकर लगता है कि यह टारगेट बनाकर की गई कार्रवाई है। पंजाब सरकार की टीम ने मौके पर जाकर तोड़े गए मकान देखे, तो टीम का कहना था कि इस मंजर को देखकर हमारी आंखें भर आईं, कार्रवाई करने वाले अफसरों को ऐसा अहसास क्यों नहीं हुआ। पंजाब सरकार की सात सदस्यीय टीम ने कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई। राजस्व मंत्री कांगड़ ने कहा कि पूरे मामले की रिपोर्ट मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को देंगे। दोषी अफसरों पर कार्रवाई कराएंगे।

मंगलवार की सुबह 11 बजे पंजाब सरकार के राजस्व मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ की अगुवाई में विधायक हरमिंदर सिंह गिल, कुलदीप सिंह वेद, पटियाला डिवीजन कमिश्नर दीपिंदर सिंह, राजस्व विभाग के एडिशनल सेकेट्री करनेल सिंह, राजस्व सलाहकार नरिंदर सिंह, पंजाब एनर्जी डवलपमेंट एजेंसी (पेडा) के अध्यक्ष व पूर्व सांसद हरविंदर सिंह हंसपाल, राजस्व मंत्री के ओएसडी कुलदीप सिंह धारीवाल कराहल पहुंचे। यहां टीम ने कूनो रिसोर्ट में पीडि़त सिख परिवारों के साथ सिख प्रतिनिधि मंडल से बंद कमरे में चर्चा की। करीब दो घंटे तक बातचीत हुई। इसके बाद पंजाब सरकार की टीम ने कलेक्टर प्रतिभा पाल व पुलिस अधीक्षक नगेन्द्र सिंह से चर्चा की।
आपको पता है पंजाब में कमलनाथ को किस नजरिए से देखा जाता है, इसलिए हमको हकीकत जानने आना पड़ा
पंजाब सरकार की टीम ने कूनो रिसोर्ट पर कलेक्टर प्रतिभा पाल से कहा कि आपको पता है। यहां सिख परिवारों पर हुई बर्बरतापूर्ण कार्रवाई के बाद पंजाब में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ को लेकर किस तरह की चर्चाएं हैं। इसलिए हकीकतजानने हम लोगों को आना पड़ा। राजस्व मंत्री कांगड़ ने कलेक्टर प्रतिभा पाल से पूछा प्रदेश में और कहीं इस तरह बर्बरतापूर्ण कार्रवाई हुई हो तो बताओ। इस पर कलेक्टर पाल ने कहा ग्वालियर में आप देख सकते हैं। टीम के सभी सदस्य प्रशासन की कार्रवाई को लेकर बेहद नाराज दिखाई दिए। एक सदस्य ने तो कलेक्टर पाल से यहां तक कह दिया कि आपने अब तक अपनी गलती नहीं मानी है।
एसपी बोले..एक तहसीलदार ने की गड़बड़ी चल रही है जांच
पंजाब सरकार की टीम के साथ चर्चा के दौरान प्रशासन की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल पर पुलिस अधीक्षक नगेन्द्र सिंह ने पंजाब सरकार की टीम के सदस्यों से कहा कि वर्ष 2011 में एक तहसीलदार ने पट्टे वितरण में गड़बड़ी की। जिनकी जांच चल रही है। इस पर टीम के सदस्यों ने कहा कि पहले उस अफसर पर कार्रवाई करते उसके बाद यह कार्रवाई होनी चाहिए थी, लेकिन यहां तो पहले कार्रवाई की गई। इतना ही नहीं नोटिस एक दिन पहले दिए गए और कार्रवाई दूसरे दिन ही चालू कर दी गई। ऐसा कहीं होता है।
अकाली दल के सांसद बोले.. कमलनाथ ने नहीं ली सीख, 84 के दंगों में आ रहा उनका नाम
पंजाब सरकार की टीम तो इस मामले की जांच करने पहुंची ही थी इसके अलावा सिरोमणि अकाली दल के सांसद प्रेमसिंह चंदूमांधरा और बलविंदर सिंह धुंधल भी कराहल पहुंचे। सांसद प्रेमसिंह चंदूमांधरा ने कहा कि सिख परिवारों को टारगेट कर निशाना बनाया गया है। बिना कोई समय दिए प्रशासन ने कार्रवाई कर दी। प्रशासन भी इस मामले को लेकर झूठ बोल रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ अब भी सीख नहीं ले रहे हैं। हम तो पहले से ही भरे बैठे हैं। 84 के दंगों में कमलनाथ का नाम आ रहा है। और वह यह छेडख़ानी और करने जा रहा है। अगर हमारे लोगों को न्याय नहीं मिला तो ठीक नहीं होगा।
विधायक सीताराम बोले..ट्राइबल क्षेत्र में कोई घर नहीं बना सकता, विधानसभा में उठाऊंगा मामला
पंजाब सरकार की टीम के एक सदस्य को पहले विधायक सीताराम आदिवासी ने माला पहनाई और उसके बाद कहा कि आदिवासियों की जमीन इन लोगों ने दबा रखी है। यह ट्राइबल क्षेत्र है इसमें कोई अपना घर नहीं बना सकता है। बाहर से आए लोगों ने आदिवासियों की जमीन पर कब्जा कर रखा है। मुख्यमंत्री कमलनाथ आदिवासियों को चाहते हैं इसलिए उन्होंने जमीन मुक्त कराने के लिए कार्रवाई की। लेकिन बाहर से जांच दल आकर आदिवासियों को डरा रहे हैं। इस पूरे मामले को मैं विधानसभा में उठाऊंगा। आदिवासी डरे सहमे हैं।
सीएम का नाम बदनाम करने की साजिश
पंजाब सरकार के राजस्व मंत्री ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा कि इस कार्रवाई में सीएम कमलनाथ का नाम बदनाम करने की साजिश कुछ शरारती तत्वों द्वारा की गई है। कुछ लोग इसमें राजनैतिक रोटियां सेंकने का काम कर रहे हैं। लेकिन ऐसे लोग जल्द खत्म हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के घर तोड़े गए हैं उनको मुआवजा दिलाने की कोशिश की जाएगी। वहीं उन्होंने कहा कि कार्रवाई को किन-किन अफसरों से लीड किया उनके नाम हमने ले लिए हैं उनके खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।

Anoop Bhargava Bureau Incharge
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