निजी भूमि अधिग्रहण के लिए रेलवे ने प्रशासन को दिए 40 करोड़ रुपए

बीते 10 माह से थमे जीवन रेखा नैरोगेज के पहिए के बीच अब बड़ी रेल लाइन बिछाने के लिए जिले में जमीन अधिग्रहण की कवायद तेज हो गई है।

रेलवे ने ग्वालियर से सबलगढ़ तक ट्रेक डिस्टमेंटल के लगाए टेंडर, सबलगढ़ से श्योपुर के लिए चल रही प्रक्रिया

By: rishi jaiswal

Updated: 17 Jan 2021, 11:03 PM IST

श्योपुर. बीते 10 माह से थमे जीवन रेखा नैरोगेज के पहिए के बीच अब बड़ी रेल लाइन बिछाने के लिए जिले में जमीन अधिग्रहण की कवायद तेज हो गई है। यही वजह है कि सरकारी जमीन का पूर्व में ही आवंटन होने के बाद अब निजी जमीन के लिए भी 44 गांवों में से 23 गांवों में अवार्ड पारित हो चुके हैं और अब भूस्वामियों और किसानों को मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू होगी।


बताया गया है कि ग्वालियर से श्येापुर तक बिछाई जाने वाली बड़ी रेल लाइन के ब्रॉडगेज प्रोजेक्ट में श्योपुर जिले में तीन तहसीलों के 44 गांवों में निजी भूमि अधिग्रहण होना है। इसके लिए पूर्व में 38 गांवों के प्रकरण तैयार किए गए थे, जिनमेें से 23 गांवों में अब अवार्ड पारित हो गए हैं, जबकि शेष 15 गांवों में जल्द ही अवार्ड पारित हो जाएंगे। लिहाजा अब किसानों के बैंक खाते लिए जाएंगे और उन्हें मुआवजा वितरण प्रारंभ होगा। जिन 23 गंावों के प्रकरणों में अवार्ड पारित हो चुका है, उनमें श्योपुर तहसील के 14 और वीरपुर के 9 गांव में शामिल हैं। जबकि जो शेष 15 गांव बचे हैं, वे वीरपुर तहसील क्षेत्र के हैं।

छह गांवों के लिए धारा 21 की कार्रवाई
44 में 38 गांवों के पूर्व में प्रकरण तैयार किए गए। वहीं शेष छह गांवों के प्रकरण बाद में आए, लिहाजा उनमें अब भूअर्जन अधिनियम की धारा 21 के तहत सूचना जारी कर दी गई है। बताया गया है कि इन गांवों की जमीन में अवार्ड पारित होने में लगभग एक माह और लगेगा। इन 6 गांवों में श्येापुर तहसील के बर्धा और दांतरदा, वीरपुर के वीरपुर और लक्ष्मणपुरा, तथा कराहल के गिरधरपुर व हीरापुर शामिल हैं।

मुआवजे के लिए मिले हैं 40 करोड़ रुपए
ब्रॉडगेज प्रोजेक्ट के लिए जिले में 45 गांवों की शासकीय जमीन और 44 गांवों की निजी जमीन अधिग्रहण की जानी है। इसके लिए 45 गांवों में शासकीय जमीन का पहले ही आवंटन रेलवे को किया जा चुका है। यही वजह है कि अब निजी जमीनों के अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। 44 गांवों मेें होने वाली निजी जमीन के अधिग्रहण के लिए रेलवे ने मुआवजे के लिए लगभग 40 करोड़ रुपए की राशि भी प्रशासन को दे दी है।

उधर ट्रैक डिस्मेंटलिंग के लिए हो गए टेंडर
ग्वालियर से श्योपुर ब्रॉडगेज प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए रेलवे ने भी कवायद तेज कर दी है। इसी के तहत वर्तमान नैरोगेज के ट्रैक को डिस्मेंटल करने के लिए टैंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसमें रेलवे ने पिछले दिनों ग्वालियर से सबलगढ़ तक के ट्रैक को डिस्मेंटल करने के लिए टेंडर भी दे दिए हैं, जबकि सबलगढ़ से श्योपुर तक के ट्रैक डिस्मेंटलिंग के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है।

रेलवे के ब्रॉडगेज प्रोजेक्ट के लिए सरकारी जमीन का पूर्व में आवंटन हो चुका है। वहीं अब निजी प्रकरणों में भी 23 गांवों में अवार्ड पारित हो चुका है, जबकि शेष में प्रक्रिया चल रही है।
रूपेश उपाध्याय, प्रभारी अपर कलेक्टर, श्योपुर

ब्रॉडग्रेज प्रोजेक्ट के तहत ही ग्वालियर-सबलगढ़ के बीच के ट्रैक के डिस्मेंटलिंग के लिए टेंडर हो चुके हैं। सबलगढ़-श्योपुर के ट्रैक के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है।
मनोज कुमार सिंह, पीआरओ, रेलवे झांसी

rishi jaiswal
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned