गर्मी ने बढ़ाई उल्टी-दस्त व बुखार के रोगियों की संख्या

गर्मी ने बढ़ाई उल्टी-दस्त व बुखार के रोगियों की संख्या

By: Gaurav Sen

Published: 30 May 2018, 06:41 PM IST

श्योपुर. जिले में पिछले एक सप्ताह से झुलसाने वाली गर्मी बनी हुई है।जिससे न सिर्फ लोगों का जीना मुश्किल हो गया है, बल्कि लोग लू का शिकार होकर बीमार भी हो रहे हैं। इसी का परिणाम है कि जिला चिकित्सालय की ओपीडी में पिछले एक सप्ताह के भीतर रोगियों की संख्या डेढ सैकड़ा तक पहुंच गई है। जिसमें उल्टी दस्त और बुखार के रोगियों की संख्या अधिक है।

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जिला चिकित्सालय के चिकित्सक डॉ. संजय जैन इसे सुबह से देर रात तक चलने वाली लू का प्रभाव बता रहे हैं। यहां बता दें कि जिला नौतपा के पहले से ही तप रहा है। वतर्मान में पारा ४६ डिग्री के आसपास है। श्योपुर प्रदेश में सर्वाधिक गर्म जिलों में शुमार है। जिसका असर लोगों के बीमार होने के तौर पर देखने को मिल रहा है। जिसकी नजीर जिला चिकित्सालय के ओपीडी रिकॉर्ड से की जा सकती है, जो २२ मई को ७४६ पर था, लेकिन महज छह दिन में ही ८८९ पर पहुंच गया। ओपीडी मरीजों के साथ ही जिला चिकित्सालय में भर्ती मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है, जिसके चलते एक पलंग पर दो दो रोगियों के लेटने जैसी स्थितियां बनी हुई हैं।


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रोगी बढ़े पर चिकित्सक होने लगे नदारद
जिला चिकित्सालय की ओपीडी में रोगियों की संख्या तो बढ़ गई है। लेकिन ओपीडी में चिकित्सकों की संख्या कम सी हो गई है। मंगलवार को भी जिला चिकित्सालय की ओपीडी में ११.३५ बजे कोई चिकित्सक नहीं था। बच्चे को दिखाने के लिए पहुंचे महेश गोयल को इसकारण से परेशानी हुई, उसने चिकित्सकों को एक से दूसरे कमरे में तलाशा मगर उसे कोई नहीं मिला। करीब आधा घंटे बाद डॉ. सिकरवार अस्पताल पहुंचे और उसके बाद अन्य डॉक्टर, लेकिन एक साथ ओपीडी से चिकित्सकों के नदारद होने से रोगियों को परेशानी झेलना पड़ी।

 

रोगी बढ़े पर चिकित्सक होने लगे नदारद
जिला चिकित्सालय की ओपीडी में रोगियों की संख्या तो बढ़ गई है। लेकिन ओपीडी में चिकित्सकों की संख्या कम सी हो गई है। मंगलवार को भी जिला चिकित्सालय की ओपीडी में ११.३५ बजे कोई चिकित्सक नहीं था। बच्चे को दिखाने के लिए पहुंचे महेश गोयल को इसकारण से परेशानी हुई, उसने चिकित्सकों को एक से दूसरे कमरे में तलाशा मगर उसे कोई नहीं मिला। करीब आधा घंटे बाद डॉ. सिकरवार अस्पताल पहुंचे और उसके बाद अन्य डॉक्टर, लेकिन एक साथ ओपीडी से चिकित्सकों के नदारद होने से रोगियों को परेशानी झेलना पड़ी।


ओपीडी पर एक नजर
तारीख मरीज
२२ मई ७४६
२३ मई ७५९
२४ मई ६७२
२५ मई ८२८
२६ मई ७०८
२७ मई १४९
२८ मई ८८९
नोट २९ मई की ओपीडी दोपहर एक बजे तक की है।

Gaurav Sen
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