हत्यारी पत्नी और उसके प्रेमी सहित तीन को उम्रकैद की सजा

अवैध संबंध में रुकावट बन रहे पति को पत्नी ने प्रेमी और एक अन्य सहयोगी के साथ की कर दी थी हत्या, चार साल पुराने प्रकरण में न्यायालय ने सुनाई सजा

By: jay singh gurjar

Published: 04 Mar 2021, 08:32 PM IST

श्योपुर
अवैध संबंधों में रुकावट बन रहे पति को मौत के घाट उतारने वाली पत्नी और उसके प्रेमी सहित तीन लोगों को अब श्योपुर के विशेष न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। मामले का खुलासा मृतक की नाबालिग पुत्री की चश्मदीद साक्षी साक्ष्य से हुआ। मामले में अभियोजन पक्ष की पैरवी विशेष लोक अभियोजक राजेंद्र जाधव ने की।


मीडिया सेल प्रभारी (अभियोजन) और एडीपीओ रिचा शर्मा द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक आरोपी महेंद्र पुत्र सरवन शाक्य और सविता शाक्य पत्नि रामअवतार शाक्य निवासीगण विजयपुर के बीच अवैध संबंध थे। इन अवैध संबंधों में सविता शाक्य का पति रामअवतार शाक्य रूकावट डालने के ऊपर से 22 मार्च 2017 को रात्रि करीब दस बजे सिंचाई कॉलोनी विजयपुर में रामअवतार को सोते समय पत्नि सविता द्वारा पैर पकड़ लिए तथा महेंद्र द्वारा कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी, इस हत्या में शाकिर अली उर्फ मुक्तो पुत्र मुराद निवासी विजयपुर भी शामिल था। इस दौरान रात्रि में आरोपी सविता और महेंद्र एवं मुक्तो द्वारा रामअवतार की लाश (शव) को सुनवई रोड तिराहा विजयपुर में डाल आए और घर जाकर सो गए। आरोपी महेन्द्र द्वारा सुबह पुलिस थाना विजयपुर में मृतक रामअवतार की मृत्यु एक्सीडेन्ट होने बावत रिपोर्ट कर दी, परंतु जांच उपरांत एवं साक्षियों के कथनों तथा मृतक की नाबालिग पुत्री के कथन के आधार पर पुलिस को ज्ञात हुआ कि मृतक रामअवतार की हत्या आरोपी महेन्द्र शाक्य, सविता शाक्य एवं शाकिर अली उर्फ मुक्तो चाचा द्वारा की गई। यही नहीं पुलिस को विवेचना में पता चला कि आरोपी महेन्द्र शाक्य एवं सविता शाक्य द्वारा पूर्र्व में आरोपी मुक्तो चाचा को रूपये देकर पूजा-पाठ से रामअवतार को मरवाने का षड्यंत्र किये जाने के बावजूद भी रामअतार खत्म नहीं हो सका, तब आरोपी महेन्द्र और आरोपी सविता द्वारा आरोपी मुक्तो चाचा उर्फ शाकिर अली को 25 हजार रूपये देकर षड्यंत्र में शामिल होकर रामअवतार की हत्या की गई। पुलिस ने तीनों आरोपीगणों के विरूद्ध हत्या, साक्ष्य छुपाने और अपराधिक षड्यंत्र की धाराओं के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर विशेष न्यायालय श्योपुर में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया।

विचारण के बाद न्यायालय ने तीनों को दोषी माना और गुरुवार को महेंद्र पुत्र सरवन शाक्य और सविता शाक्य पत्नि स्व. रामअवतार शाक्य निवासीगण सिंचाई कॉलोनी विजयपुर को धारा 302 सह पठित धारा 34 भा.द.वि. में आजीवन कारावास एवं सौ-सौ रूपये के अर्थदंड ,धारा 201 भा.द.वि. में दो-दो साल का सश्रम कारावास एवं सौ-सौ रूपये अर्थदंड, धारा 120बी भा.द.वि. में आजीवन कारावास एवं सौ-सौ रूपये के अर्थदंड से दंडित किया। वहीं तीसरे आरोपी शाकिर अली उर्फ मुक्ता पुत्र मुराद अली निवासी किले के अंदर विजयपुर को धारा 302 भा.द.वि. सह पठित अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 की धारा 3(2)(5) में आजीवन कारावास एवं धारा 120बी भा.द.वि. में आजीवन कारावास एवं सौ-सौ रूपये के अर्थदंड से दंडित किया।

jay singh gurjar
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned