कोटा बैराज से 20 को छोड़ा जाएगा नहर में पानी, 23 अक्टूबर को मप्र की सीमा में देगा दस्तक

-जलसंसाधन विभाग के मप्र और राजस्थान के अफसरों की हुई अंतरराज्यीय वर्चुअल बैठक में लिया निर्णय

By: jay singh gurjar

Published: 14 Oct 2021, 08:48 PM IST

श्योपुर,
श्योपुर सहित चंबल के तीनों जिलों के किसानों की जीवनदायिनी कही जाने वाली चंबल मुख्य नहर मेंं पानी छोडऩे की तैयारी हो गई है। इसी केे तहत 20 अक्टूबर को राजस्थान के कोटा बैराज से नहर में पानी छोड़ा जाएगा, जो 23 अक्टूबर को पार्वती एक्वाडक्ट के रास्ते मध्यप्रदेश की सीमा में पहुंच जाएगा। ये निर्णय मध्यप्रदेश और राजस्थान की हुई अंतरराज्यीय बैठक में लिया गया, जिसमें चंबल नहरी पानी के बंटवारे को लेकर चर्चा हुई।

हालांकि बाढ़ और बारिश से चंबल मुख्य नहर क्षतिग्रस्त हुई है, लेकिन उसकी मरम्मत का कार्य तेज कर दिया है और मुख्य नहर में श्योपुर से मुरैना और भिंड तक पानी पहुंचाने के लिएय विभागीय अमला कवायद में जुट गया है। इसी के मद्देनजर जलसंसाधन विभाग के मुख्य अभियंता ग्वालियर आरपी झा की अध्यक्षता में बीतेे रोज एक वर्चुअल बैठक हुई, जिसमें मध्यप्रदेश और राजस्थान के कोटा के अफसरों की लगभग एक घंटे तक चर्चा हुई। चूंकि इस बार चंबल के गांधीसागर बांध में पर्याप्त पानी है, लिहाजा चंबल मुख्य नहर में 31 मार्च 2022 तक जलप्रवाह का निर्णय लिया, साथ ही तय किया गया कि कोटा बैराज से 20 अक्टूबर को 500 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा, जो 23 अक्टूबर की सुबह मप्र-राजस्थान की सीमा पर स्थित पार्वती एक्वाडक्ट पर आ जाएगा और उसके बाद आगे बढ़ जाएगा। बैठक में मप्र के अफसरों ने इस बार भी नहर में 3900 क्यूसेक पानी की डिमांड रखी है। वर्चुअल बैठक में कोटा के अधीक्षण अभियंता लखनलाल गुप्ता, एलएमसी के अधीक्षण अभियंता जितेंद्र लुहाडिय़ा, अधीक्षण यंत्री वीके गर्ग सहित मप्र के श्योपुर, मुरैना, भिंड के साथ ही रतलाम, मंदसौर के अफसर व राजथान के अफसर मौजूद रहे।


पहले मुरैना और भिंड की ओर जाएगा पानी
23 अक्टूबर को मप्र की सीमा में आने के बाद चंबल नहर का पानी सीधा मुरैना और भिंड भेजा जाएगा। बताया गया है कि अभी श्योपुर जिले में डिमांड नहीं है, जिसके चलते पानी आगे बढ़ाकर मुरैना और भिंड जिले के निचले बांधों को भरा जाएगा। इसके बाद जैसे जैसे जिले में पानी की डिमांड आएगी, वैसे वैसे डिस्ट्रीब्यूटरियों में पानी डिस्चार्ज करना शुरू कर दिया जाएगा। जलसंसाधन श्योपुर के कार्यपालन यंत्री सुभाष गुप्ता के मुताबिक 1एल से 18एल तक सभी डिस्ट्रीब्यूटरियों मेंं कार्य कराया जा रहा है और जब भी डिमांड होगी, पानी डिस्चार्ज कराया जाएगा।

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