कलेक्टर, एसपी के सामने खेल अधिकारी ने भाजयुमो अध्यक्ष से की अभद्रता

खेल अधिकारी के कारण वीर सावरकर स्टेडियम में फुटबॉल खेलने को लेकर हुए विवाद को शांत कराने हुई थी बैठक

By: rishi jaiswal

Published: 28 Dec 2020, 10:36 PM IST

श्योपुर. कलेक्टर राकेश कुमार श्रीवास्तव और पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय के सामने जिला खेल अधिकारी अरुण सिंह चौहान ने भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष राघवेन्द्र सिंह जाट से अभद्रता की। इसके साथ ही पीजी कॉलेज के प्राचार्य को लेकर भी खेल अधिकारी ने गलत टिप्पणी की। यह वाक्या उस दौरान हुआ जब वीर सावरकर स्टेडियम में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक बैठक कर रहे थे। दरअसल बैठक का आयोजन जिला खेल अधिकारी चौहान द्वारा फुटबॉल खिलाडिय़ों को दो थानों की पुलिस के बल पर स्टेडियम में खेलने से रोकने को लेकर उपजे विवाद को शांति करना था, लेकिन बैठक के दौरान भी जिला खेल अधिकारी अभद्रता से बात करने से नहीं चूके। फुटबॉल खिलाड़ी उन पर अभद्रव्यवहार करने का आरोप पहले ही लगा चुके हैं। इसके बाद भी अफसर जिला खेल अधिकारी पर कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं।

सुबह 11 बजे वीर सावरकर स्टेडियम में 9 बिन्दुओं के एजेंडे पर चर्चा करने के लिए बैठक बुलाई गई थी। जिसमें फुटबॉल खिलाड़ी, स्थानीय जनप्रतिनिधि के साथ अन्य वरिष्ठ लोग मौजूद थे। बैठक के दौरान भारतीय जनता युवा मोर्चा अध्यक्ष राघवेन्द्र सिंह जाट ने जिला खेल अधिकारी से स्टेडियम में आने वाले सामान का लेखा जोखा जानना चाहा। इसी बात पर खेल अधिकारी भडक़ गए और भाजयुमो अध्यक्ष से अभद्रता कर दी। इसका विरोध बैठक में मौजूद फुटबॉल खिलाड़ी व अन्य प्रतिनिधियों ने किया। विरोध की स्थिति बनते देख कलेक्टर राकेश श्रीवास्वत ने बिन्दुओं पर चर्चा करने को कहा। इस दौरान फुटबॉल मैदान को लेकर चर्चा हुई। जब तक नया मैदान तैयार नहीं होता तब तक फुटबॉल खिलाड़ी स्टेडियम में प्रेक्ट्रिस कर सकेंगे। हैलीपेड के स्थान पर फुटबॉल मैदान बनाए जाने की बात उठी। बैठक में हॉकी, खो-खो व अन्य खेलों को लेकर भी चर्चा हुई। वहीं सात सदस्यीय समिति बनाए जाने का निर्णय भी बैठक में लिया गया। हैलीपेड पर मैदान बनाए जाने को लेकर कांगे्रस जिलाध्यक्ष अतुल चौहान ने भी सही बताया।

खिलाडिय़ों से वसूला जाएगा पंजीयन शुल्क
बैठक के दौरान स्टेडियम में खेलने आने वाले 18 वर्ष से अधिक आयु के खिलाडिय़ों से पंजीयन शुल्क 200 रुपए प्रतिमाह व वार्षिक 2400 रुपए वसूलने का निर्णय हुआ। इसका विरोध खिलाडिय़ों ने दर्ज कराया। चर्चा में सामने आया कि जो खिलाड़ी पैसे देने में सक्षम हो उससे ही यह राशि ली जाए। वहीं स्डेडियम में निजी खेल आयोजन के लिए 1000 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से लिया जाएगा।

अफसरों के सामने जिस तरह से डीएसओ का व्यवहार रहा वह गलत था। इसकी शिकायत वरिष्ठ अफसरों से की जाएगी। मैंने स्टेडियम में उपलब्ध सामान का लेखा जोखा जानना चाहता था।
राघवेन्द्र सिंह जाट अध्यक्ष, भाजयुमो

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