कोविड सेंटर की अस्थाई जेल से खिडक़ी तोड़ भागा बंदी, मौसी के घर से पकड़ा

कोरोना सैंपल के बाद कोविड सेंटर की अस्थाई जेल में रखा गया था बंदी


ड्यूटी पर तैनात जेल प्रहरी को जेल प्रबंधन ने थमाया नोटिस, होगी कार्रवाई

By: rishi jaiswal

Published: 16 Oct 2020, 11:16 PM IST

श्योपुर. कोविड सेंटर ढेंगदा की अस्थाई जेल में बंद बंदी गुरुवार की रात खिडक़ी का सरिया तोडक़र भाग निकला। कोरोना सैंपल के बाद बंदी को यहां रखा गया था।

शुक्रवार की सुबह जेल प्रहरी द्वारा बंदियों की गिनती करने पर एक बंदी कम मिलने पर उसके हाथ पांव फूल गए। बंदी की तलाश करने पर पता चला कि वह खिडक़ी के रास्ते निकल गया। इसकी सूचना प्रहरी ने जेल प्रबंधन के साथ पुलिस को दी। देर रात पुलिस बंदी के निवास रैगर मौहल्ला पहुंची तो पता चला कि बंदी मौसी के यहां है। पुलिस ने बंदी सोनू को मौसी के यहां से गिरफ्तार कर लिया।

कोतवाली पुलिस ने सोनू उम्र 25 साल निवासी रैगर मोहल्ला श्योपुर को 14 अक्टूबर को बस स्टैंड अवैध रूप से छुरा रखकर वारदात की नीयत से घूमते हुए पकड़ा था। आम्र्स एक्ट के मामले में इसे न्यायालय में पेश किया गया जहां से सोनू को जेल भेज दिया गया। जेल प्रबंधन ने सोनू की कोरोना जांच कराई और ढेंगदा स्थित कोविड सेंटर में बनाई गई अस्थाई जेल में रख दिया। जेल प्रहरी की आंखों में धूल झोंककर सोनू अस्थाई जेल से फरार हो गया। इससे जेल प्रबंधन में हडक़ंप मच गया। सोनू के अस्थाई जेल से फरार होने की सूचना जेल प्रहरी शराफत खान ने कोतवाली पुलिस को दी। कोतवाली पुलिस ने धारा 224 के तहत मामला कायम कर आरोपी की तालाश शुरू की। पुलिस ने आरोपी को उसकी मौसी के यहां से गिरफ्तार कर लिया।

जेल प्रहरी को नोटिस, होगा निलंबन
जेलर विजय मौर्य ने बताया कि अस्थाई जेल से फरार हुए कैदी की निगरानी में लगे जेल प्रहरी शराफत खान को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। जवाब मिलने के बाद उसके निलंबन प्रक्रिया की जाएगी। जेलर मौर्य ने कहा कि जेल पहुंचने से पहले बंदियों की कोरोना जांच कराई जाती है। जांच रिपोर्ट आने तक उनको ढेंगदा स्थित कोविड सेंटर की अस्थाई जेल में रखा जाता है। अस्थाई जेल में 24 बंदी थे। इनमें से 17 फिट होकर जेल पहुंच गए हैं। अब वहां 6 बंदी हैं।

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