महिला के गर्भ में बच्चे की मौत,डॉक्टरो ने कर दिया ग्वालियर रैफर

-घबराए परिजन महिला को लेकर पहुंचे निजी अस्पताल,नॉर्मल हुई डिलीवरी
-जिला अस्पताल का मामला

By: Laxmi Narayan

Published: 31 May 2020, 07:06 AM IST

श्योपुर,
जिला अस्पताल के मेटरनिटी वार्ड में पहुंची एक गर्भवती महिला के नवजात बच्चे की मौत गर्भ के अंदर हो गई। यह बात अस्पताल के डॉक्टरो ने चैकअप के बाद परिजनों को बताई और महिला को वार्ड में भर्ती कर लिया। दूसरे दिन शाम तक भर्ती रखने के बाद भी महिला की डिलीवरी नहीं कराई और उसे ग्वालियर के लिए रैफर कर दिया। ऐसे में घबराए परिजन महिला को लेकर निजी अस्पताल पहुंचे। जहां उसकी डिलीवरी नार्मल हो गई। मगर बच्चा मृत ही पैदा हुआ। बच्चा पांच माह का बताया है।
ग्राम दुबड़ी निवासी श्यामा पत्नी कमलेश सुमन की यह दूसरी डिलीवरी थी। परिजनों ने बताया कि श्यामा को गुरुवार शाम को दर्द होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। मेटरनिटी वार्ड में डॉक्टरो ने चैकअप के बाद श्यामा के पेट में पांच माह का गर्भ बताया। साथही बच्चे के गर्भ में ही मौत होने की बात भी बताई और वार्ड में भर्ती कर लिया। परिजनों ने बताया कि रातभर और दूसरे दिन शाम तक भी भर्ती रखने के बाद भी मेटरनिटी वार्ड के डॉक्टरो ने उसकी डिलीवरी नहीं कराई। इस बारे में डॉक्टरो को बताया तो उन्होने श्यामा को ग्वालियर के लिए रैफर कर दिया। ग्वालियर की दूरी श्योपुर से सवा 200 किलोमीटर है और ग्वालियर पहुंचने में काफी वक्त लगता। इसलिए परिजन श्यामा को ग्वालियर न ले जाते हुए आनन-फानन में निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे। जहां महिला की कुछ देर बाद ही नॉर्मल डिलीवरी हो गई। मगर बच्चा मृत ही पैदा हुआ।
वर्जन
बच्चा करीब पांच माह का ही था। जो गर्भ में ही खत्म हो गया था। ड्यूटी स्टॉफ उसकी डिलीवरी कराने का प्रयास कर रहा था। मगर परिजन जल्दबाजी दिखाने लगे। ऐसे काम में जल्दबाजी होती नहीं है। इसलिए उसे रैफर कर दिया।
डॉ बीएल यादव
मेटरनिटी वार्ड प्रभारी,जिला अस्पताल

Laxmi Narayan
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned