दो बार सस्पेंड हो चुके पंचायत सचिव पर मेहरबान अफसर

- धारा 92 की कार्रवाई लंबित फिर भी दे दिया सचिव का प्रभार
- अब ग्राम पंचाायत वर्धा के सरपंच ने की शिकायत, कार्रवाई अब तक नहीं

श्योपुर/कराहल
बिना काम राशि आहरण करने के मामले में दो बार सस्पेंड हो चुके पंचायत सचिव पर अफसर मेहरबान हैं। इतना ही नहीं धारा 92 की कार्रवाई लंबित होने के बाद भी उसे सचिव का प्रभार दिया जा रहा है। जनपद जिला पंचायत ने उसे बहाल कर ग्राम पंचायत वर्धा खुर्द का सचिव बनाकर वित्तीय प्रभार दिया, तो उसने तीन लाख से अधिक की राशि निकल ली। इसकी शिकायत ग्राम पंचायत के सरपंच ने जिला पंचायत सीईओ से कर सचिव पर कार्रवाई करने की मांग की है। सरपंच की शिकायत के बाद भी अब तक सचिव के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया जा सका है।

सचिव शिवसिंह यादव पहले दो बार अलग-अलग पंचायतों में राशि आहरण करने के मामले में सस्पेंड हो चुका है। अब उसने ग्राम पंचायत वर्धा खुर्द का सचिव रहते तीन लाख के अधिक की राशि आहरण कर अपने पास रख ली है। सरपंच ने एक आवेदन देकर कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ हर्ष सिंह को मामले की जांच करने के साथ सचिव पर कार्रवाई की मांग की है। सचिव द्वारा लंबे समय से की जा रही गड़बड़ी के बाद भी अफसर उसे सचिव का प्रभार देकर गड़बड़ी करने का मौका दे रहे हैं।
वर्ष 2016-17 में शिकायत के बाद हुआ था सस्पेंड
ग्राम पंचायत सेसईपुरा में वर्ष 2016-17 में सरपंच हल्की बाई औऱ उसके पति ने शिकायत की थी कि मेरी पत्नी को ग़ुमराह कर सचिव शिवसिंह ने राशि का आहरण कर लिया। तत्कालीन एसडीएम धीरजराज श्रीवास्तव ने मामले की जांच की तो चार लाख से अधिक की राशि की गड़बड़ी मिली। जांच रिपोर्ट के आधार शिवसिंह को सस्पेंड किया गया। इसके बाद इस पर धारा 92 की कार्रवाई प्रस्तावित की गई।
कुछ माह बना दिया बाढ़ का प्रभारी सचिव
कुछ महीने बाद ग्राम पंचायत बाढ़ का प्रभारी सचिव शिवसिंह को बना दिया गया। यहां इसने सीसी सडक़ निर्माण के लिए आई साढ़े चार लाख की रकम पंचायत खाते से एडवांस निकाल ली। एक साल तक सीसी सडक़ का निर्माण हुआ तो सरपंच गुड्डी बाई ने जिला पंचायत सीईओ को शिकायत की। तब जिला पंचायत सीईओ ने इसे सस्पेंड कर दिया। कुछ महीनों बाद जिला पंचायत जनपद अधिकारियों से सांठगांठ वह बीते आठ माह पहले फिर से ग्राम पंचायत वर्धा खुर्द का इसे प्रभार दे दिया।
तीन लाख 25 हजार कर लिए आहरण
ग्राम पंचायत वर्धा खुर्द का प्रभार मिलते ही शिवसिंह यादव ने 3 लाख 25 हजार का आहरण कर राशि निकाल ली। पंचायत के निर्माण कार्य मे राशि का उपयोग न करते हुए उसका दुरुपयोग किया गया। इससे नाराज सरपंच रमेश ने कलेक्टर व जिला पंचायत सीईओ को आवेदन देकर शिकायत की है कि सचिव शिवसिंह ने पूर्व में दो अन्य पंचायतों से राशि निकालकर गड़बड़ी की है। इन मामलों में वह सस्पेंड भी हो चुका है इसलिए इसे पंचायत से हटाया जाए।
सेसईपुरा में आंगनबाड़ी अधूरी, सात लाख का हो गया आहरण
सेसईपुरा ग्राम पंचायत के सचिव रहे शिवसिंह यादव ने वर्ष 2015-16 में सात लाख राशि का आहरण कर लिया। इस राशि से चक्क किसनपुर आदिवासी बस्ती में आगनबाड़ी केंद्र का निर्माण होना था। राशि आहरण कर लिए जाने से आंगनबाड़ी केन्द्र अब तक अधूरा पड़ा है। राशि पूरी आहरण होने के बाद में भी सचिव की न तो जांच हुई न कोई कार्रवाई।
इनका कहना है
मुझे शिकायत मिली थी। इसके बाद नोटिस देकर जवाब मांग था, लेकिन पंचायत सचिव शिव सिंह यादव ने नोटिस का जवाब नहीं दिया है। एपीओ को जांच का आदेश भी किया था। उसकी भी जांच रिपोर्ट आज तक नहीं आई है। जांच आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।जब तक उसके वित्तीय प्रभार हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
एसएस भटनागर
जनपद सीईओ, कराहल

Anoop Bhargava Bureau Incharge
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