पशु औषधालय है,पर चिकित्सक नहीं,कैसे मिले इलाज

-ग्राम सहसराम का मामला,
-पशु चिकित्सक के सेवा निवृत्त हो जाने से बनी स्थिति

श्योपुर,
तहसील क्षेत्र विजयपुर के ग्राम सहसराम में पशु औषधालय तो स्थित है। मगर इसमें इलाज करने के लिए सालभर से पशु चिकित्सक नहीं है। जिसकारण सहसराम सहित आसवास के गांवों के मवेशी पालक परेशान बने हुए है। चिकित्सक के अभाव में मवेशी पालको को मवेशियों के इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है। पशु पालको का कहना है कि यह समस्या कई बार बताई।मगर इसके बाद भी यहां पशु चिकित्सक की पदस्थी नहीं की जा रही है।
शासकीय पशु औषधालय सहसराम में एक साल पहले तक पशु चिकित्सक पदस्थ थे। जिसकारण यहां आने वाले मवेशी पालको को बीमार मवेशियों के इलाज की सुविधा मिलती थी। ग्रामीणोंने बताया कि पशु चिकित्सक एक साल पहले रिटायर हो गए। उनके बाद यहां किसी दूसरे पशु चिकित्सक की पदस्थी नहीं की गई।जिसकारण पशु औषधालय कपांउडर के भरोसे हो गया।
मवेशी पालक बोले-15 दिन कंपाउंडर भी नहीं आ रहा
सहसराम गांव के मवेशी पालको का कहना है कि पशु औषधालय में अब कंपाउंडर पदस्थ रह गया है। मगर कंपाउंडर भी पिछले 15 दिन से औषधालय में नहीं आ रहा है। जिसकारण औषधालय के ताले नहीं खुल रहे है। जिससे इलाज के लिए आने वाले मवेशी पालको को बिना इलाज लौटने को विवश होना पड़ रहा है।
आधा दर्जन से अधिक गांवो के मवेशी पालक परेशान
सहसराम के पशु औषधालय में पशु चिकित्सक नहीं होने से सहसराम, खुरजान, फरारा, सेवला, खुर्रका, बुढेरा, बेहटा आदि गांव के मवेश पालक परेशान हो रहे है।क्योंकि इन गांवो के मवेशी पालको के मवेशी बीमार हो रहे है। मगर इलाज के लिए उनको डॉक्टर नहीं मिल रहा है।

Laxmi Narayan Reporting
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