जहां पवित्र स्नान को जुटते हैं हजारों श्रद्धालु, वहां घाट तक नहीं

जिले के मानपुर स्थित त्रिवेणी संगम रामेश्वर पर स्नान के लिए परेशान होते हैं श्रद्धालु
दो दशक पहले बने घाट में हुई खानापूर्ति, अब श्रद्धालुओं को बड़े घाट का इंतजार

पत्रिका-पब्लिक इश्यू
कोमल खंडेलवाल
मानपुर. जिस पवित्र तीर्थ स्थल की पहचान श्योपुर ही नहीं बल्कि देशभर में है, जहां विशेष पर्वों पर पवित्र स्नान के लिए हजारों श्रद्धालु जुटते हैं, लेकिन यहां एक बेहतर घाट तक नहीं है। ये स्थिति है जिले के तीर्थ स्थल त्रिवेणी संगम रामेश्वर की, जहां श्रद्धालुओं के लिए स्नान घट नहीं बना है।


जिसके कारण श्रद्धालुओं को न केवल परेशानी होती है, बल्कि स्नान के लिए नदी के कीचड़ भरे किनारों पर ही जद्दोजहद करनी पड़ती है। हालांकि दो दशक पहले एक छोटा घाट बनाया गया था, लेकिन उसमें खानापूर्ति ही की गई, जिसके कारण तीर्थ स्थल पर श्रद्धालुओं का अभी भी घाट का इंतजार बना हुआ है। उल्लेखनीय है कि राजस्थान और मध्यप्रदेश की सीमा पर स्थित तीर्थ स्थल त्रिवेणी संगम रामेश्वर धाम पर चंबल, सीप और बनास नदियों का अद्भुत संगम है। जिसके चलते यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन यहां घाट अभी तक नहीं बन पाया है।

हर तीज-त्योहार पर होता है स्नान

त्रिवेणी संगम रामेश्वर धाम पर यूं तो हर साल कार्तिक पूर्णिमा पर वार्षिक मेला लगता है, जिसमें एक लाख से ज्यादा श्रद्धालु आते हैं और त्रिवेणी में डुबकी लगाते हैं, लेकिन कोविड-19 के चलते इस बार मेला नहीं लगेगा। हालांकि श्रद्धालु आएंगे, जिनके लिए अभी स्नान के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। रामेश्वर में कार्तिक पूर्णिमा के अलावा सोमवती अमावस्या, मकर संक्रांति आदि विशेष पर्वों पर स्नान के लिए श्रद्धालु आते हैं, लेकिन घाट के अभाव में परेशान होते हैं।

राजस्थान की सीमा में बना है भव्य घाट

श्योपुर जिले की सीमा में त्रिवेणी पर घाट नहीं बना है, लेकिन राजस्थान की सीमा में एक घाट बनाया हुआ है। ऐसे में जिले के लोगों का कहना है कि जब राजस्थान की सीमा में घाट बना है तो फिर हमारी सीमा में घाट क्यों नहीं बनाया जा सकता, जबकि घडिय़ाल अभयारण्य के क्षेत्र में तो राजस्थान वाला हिस्सा भी आता है, फिर हमारे घाट को क्यों नहीं मंजूरी मिल सकती।

रामेश्वर त्रिवेणी संगम पर घाट बनाने के लिए जल्द ही प्रस्ताव तैयार कराकर प्रयास शुरू किए जाएंगे।
राजेश शुक्ल, सीइओ, जिला पंचायत श्योपुर

ये बोले लोग...

रामेश्वर त्रिवेणी संगम पर घाट बनना चाहिए, क्योंकि यहां हजारों श्रद्धालु स्नान के लिए परेशान होते रहते हैं। इस दिशा में जनप्रतिनिधियों को भी ध्यान देना चाहिए।
धीरज सिंह सिकरवार, मानपुर
ये सही बात है कि घडिय़ाल अभयारण्य का हिस्सा होने के कारण घाट निर्माण में दिक्कतें हैं, लेकिन इस दिशा में प्रयास हों तो अनुमति मिल सकती है।
मंशाराम माहौर, मानपुर
त्रिवेणी संगम मानपुर क्षेत्र या श्योपुर जिले का ही नहीं, बल्कि पूरेे प्रदेश का बेहतर तीर्थ स्थल है। लिहाजा प्रदेश सरकार को भी इस दिशा में ध्यान देकर घाट बनाना चाहिए।
योगेंद्र जादौन, मानपुर

महेंद्र राजोरे Desk
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