35 लाख में बनाया पर्यटन केंद्र, छह माह चल पाई बोट, अब साढ़े पांच साल से इंतजार

शहर के ऐतिहासिक बंजारा डेम पर्यटन केंद्र को नहीं बना पाए शहर की पहचान, सैलानियों को भी नहीं मिला बोटिंग का लुत्फ

श्योपुर,
शहर की ऐतिहासिक पहचान कहे जाने वाले बंजारा डेम को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए लाखों रुपए खर्च कर दिए, लेकिन नपा प्रशासन की लापरवाही के कारण के न तो ये केंद्र शहर की पर्यटन पहचान बन पाया और न ही सैलानियों को बोटिंग का लुत्फ मिल पाया।


स्थिति यह है कि छह साल पहले 35 लाख खर्च कर विकसित किए बंजारा डेम पर्यटन केंद्र पर नपा ने बोटिंग शुरू की, लेकिन महज छह माह चल पाई। यही वजह है कि अब बीते साढ़े पांच साल से बंजारा डेम में बोटिंग और अन्य पर्यटन सुविधाओं का इंतजार है। हालांकि अब जिला पर्यटन एवं पुरातत्व परिषद द्वारा बंजारा डेम में बोटिंग और अन्य सुविधाएं बढ़ाने की बात कही जा रही है, लेकिन नपा प्रशासन ने बीते साढ़े पांच सालों में इस ओर ध्यान तक नहीं दिया है। यही कारण है कि 35 लाख खर्च कर विकसित किया गया बंजारा डेम पर्यटन केंद्र बदहाली का शिकार है। स्थिति यह है कि यहां बनाया स्ट्रक्चर भी क्षतिग्रस्त होने लगा है तो सुरक्षा के अभाव में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है।


35 माह के लिए दिया ठेका, ठेकेदार ने छह माह चलाया
शहर के ऐतिहासिक बंजारा डैम को पर्यटन की दृष्टि से बढ़ावा देने के लिए यहां पर्यटन विभाग ने चंबल सर्किट योजना के अंतर्गत यहां सुविधाएं विकसित की। जिसके बाद इसका संचालन नगर पालिका को सौंपा गया। नपा परिषद ने इसको और भव्य करते हुए यहां पर बोटिंग शुरू की। वहीं 23 फरवरी 2014 को नपा प्रशासन ने बंजारा डैम पर्यटन केंद्र और बोटिंग का शुभारंभ कराया और इसे 35 माह के लिए २ लाख 51 हजार ***** रुपये में ठेके पर दिया गया, लेकिन इसका संचालन शुरू के पांच-छह माह बाद ही बंद हो गया। जो आज तक शुरू नहीं हो सका है। विशेष बात यह है कि मार्च २०१८ में इसकी टेंडर अवधि भी समाप्त हो गई, लेकिन नगरपालिका ने इसे इसके बाद अब तक पुन: शुरू नहीं किया जा सका है।


टूटी जालियां, लाइटिंग फाउंटेन भी गायब
केंद्र सरकार की चंबल सर्किट योजना के अंतर्गत श्योपुर जिले में पर्यटन विकास निगम द्वारा ३५ लाख रुपए से इसे तैयार किया गया। लेकिन वर्तमान में यह स्थल दुर्दशा का शिकार होकर कई जगह से खुद गया है और जाली आदि भी टूट गई हैं। इसके साथ ही इस स्थल के रात को खूबसूरत लगने को लेकर बंजारा डैम के बीचों बीच दो लाइटिंग फाउंटेन भी स्थापित किए, लेकिन अब वो भी गायब हैं। जबकि बोटिंग के लिए लाई गई पैडल बोट भी टूटी पड़ी हैं।


बोटिंग की बेहतर संभावनाएं
लगभग एक लाख की आबादी वाले शहर में एक भी बेहतर पर्यटन स्थल नहीं है। ऐसे में बंजारा डेम पर बोटिंग शहरवासियों को काफी मनोरंजक हो सकती है। वर्ष 2014 में जब छह माह तक बोटिंग चली तब लोगों ने काफी लुत्फ लिया। यही वजह है कि बंजारा डेम में बोटिंग शुरू करने की मांग फिर से उठ रही है।

jay singh gurjar Reporting
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