पुलिस के खिलाफ सड़क पर उतरा आदिवासी समाज,घेरा थाना

पुलिस के खिलाफ सड़क पर उतरा आदिवासी समाज,घेरा थाना
पुलिस के खिलाफ सड़क पर उतरा आदिवासी समाज,घेरा थाना

Laxmi Narayan | Updated: 12 Oct 2019, 08:39:25 PM (IST) Sheopur, Sheopur, Madhya Pradesh, India

-मामला आदिवासी युवक को शराब तस्करी मामले में जेल भेजने का

कराहल/श्योपुर
आदिवासी युवक को शराब तस्करी मामले में जेल भेजने से नाराज आदिवासी समाज के लोगो का गुस्सा शनिवार को पुलिस के खिलाफ फूटकर सड़क पर आ गया। विधायक की अगुवाई में सड़क पर उतरे 84 पंचायत आदिवासी के लोगो ने कराहल कस्बे के बाजार को बंद कराने के बाद रैली निकालकर कराहल पुलिस थाने का घेराव किया और एसडीओपी को ज्ञापन सौंपकर निर्दोष बलवंत आदिवासी को जेल से रिहा कराने और उसे शराब तस्करी के झूठे मामले में फंसाकर जेल भेजने वाले दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की मांग की।
कराहल थाने में ज्ञापन सौने जाने के दौरान विधायक सीताराम आदिवासी ने आरोप लगाते हुए कहा कि कराहल की प्रभारी टीआई रही रसना राजावत ने हत्यारोपी कल्लू-मंगू के परिवार के लोगों की इशारों पर साजिश रचकर निर्दोष बलवंत आदिवासी को झूठे केस में आरोपी बनाकर जेल भेज दिया। पुलिस की इस गलत कार्रवाई से आदिवासी समाज के लोगो का पुलिस पर न सिर्फ विश्वास उठा है,बल्कि इससे पुलिस की वर्दी भी दागदार हुई है। विधायक ने कहा कि कल्लू-मंगू के जेल जाने के बाद उनका कब्जा हटाकर जमीन प्रशासन के द्वारा संबंधित आदिवासी किसानों को सौंपी थी। इसी मामले को लेकर यह विवाद था। इस विवाद की शिकायत बलवंत के द्वारा की गई। जिसकारण पुलिस ने साजिश के तहत बलवंत को जेल भेजा गया।
यह है मामला
पिछले माह कराहल थाना पुलिस ने सोनीपुरा निवासी बलवंत आदिवासी को शराब तस्करी मामले में आरोपी बनाकर जेल भेज दिया था। तभी से ही आदिवासी समाज पुलिस के खिलाफ आक्रोशित है। आदिवासी समाज के लोगो ने पुलिस की इस अन्यायकारी कार्रवाई को लेकर एसपी को ज्ञापन देकर बताया कि बलवंत निर्दोष है,उसे पुलिस ने शराब तस्करी मामले में झूठा केस बनाकर जेल भेजा है। हालांकि इस मामले में एसपी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। मगर बलवंत अभी तक जेल से बाहर नहीं आ सका।
पहले हाथ जोड़कर कराया बाजाद बंद, फिर रैली निकालकर घेरा थाना
शनिवार सुबह कराहल सरपंच नंद किशोर आदिवासी ने आदिवासी समाज के लोगो के साथ कराहल के बाजार में घूमकर दुकानदारों से हाथ जोड़कर बाजार बंद कराया। इसके बाद 84 पंचायत के आदिवासी के लोग बड़ी संख्या में पनवाड़ा तिराहे पर एकत्रित हुए। यहां से विधायक सीताराम आदिवासी की अगुवाई में रैली शुरु की। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए यह रैली कराहल थाने पहुंची। जहां आदिवासी समाज के लोगो ने कराहल थाने का घेराव कर ज्ञापन दिया।
न्याय नहीं मिला तो सात दिन बाद करेगे उग्र आंदोलन
एसडीओपी को दिए ज्ञापन में आदिवासी समाज के लोगों ने मांग की है कि बलवंत को झूठे मामले में जेल भेजने वाली कराहल की प्रभारी टीआई रही रसना राजावत, एएसआई जयसिंह कास्तवार ,जगदीश पिप्पल को निलंबित किया जाए। वहीं बलवंत को जेल से रिहा करवाया जाए। साथही ये चेतावनी भी दी है कि यदि न्याय नहीं मिला तो सात दिन बाद उग्र आंदोलन किया जाएगा।इस दौरान मुकेश मल्होत्रा,नंद किशोर आदिवासी सहित बड़ी तादात में आदिवासी के लोग उपस्थित थे।
दोपहर बाद खुल गया बाजार
आदिवासी समाज के लोगो के आह्वान पर कराहल का बाजार आधे दिन बंद रहा। वैसे तो ज्यादातर दुकानदारों ने सुबह से ही अपनी दुकाने नहीं खोली। जिन्होने खोली थी,उन्होने आदिवासी समाज के लोगों के हाथ जोड़कर बाजार में घूमने से बंद कर दी। लेकिन दोपहर बाद कस्बे का पूरा बाजार खुल गया।

वर्जन
इस मामले में एडीजी के द्वारा कार्रवाई का भरोसा दिया है।इसलिए हमने अभी शांति के साथ ज्ञापन दिया। यदि जल्द ही न्याय नहीं मिला तो इस मामले को लेकर आदिवासी समाज के लोगो के साथ आंदोलन उग्र किया जाएगा।
सीताराम आदिवासी
विधायक,विजयपुर
वर्जन
कराहल थाना प्रभारी को हटा दिया गया है। अभी मामले की जांच चल रही है। जांच के बाद जो स्थिति सामने आएगी,उसके मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जीडी शर्मा
एसडीओपी,बड़ौदा

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