शराब ठेका हटाने की मांग : आदिवासी महिला पुरुषों ने एकत्रित होकर किया हंगामा

शहर में नहर पुलिया के पास लगे शराब ठेके को हटाने की मांग को लेकर बुधवार की सुबह सलापुरा आदिवासी बस्ती के वाशिंदों ने न केवल ठेके पर हल्ला बोल दिया, बल्कि तोडफ़ोड़ करते हुए नेशनल हाइवे पर जाम लगा दिया।

By: rishi jaiswal

Published: 28 Oct 2020, 10:30 PM IST

श्योपुर. शहर में नहर पुलिया के पास लगे शराब ठेके को हटाने की मांग को लेकर बुधवार की सुबह सलापुरा आदिवासी बस्ती के वाशिंदों ने न केवल ठेके पर हल्ला बोल दिया, बल्कि तोडफ़ोड़ करते हुए नेशनल हाइवे पर जाम लगा दिया। लगभग तीन घंटे के हंगामे और ढाई घंटे तक हाइवे जाम रहने के बाद नायब तहसीलदार राघवेन्द्र सिंह कुशवाह के तीन दिन में ठेका हटाने के आश्वासन पर प्रदर्शनकारी माने और जाम खोला।


बीती रात शराब ठेकेदार के कर्मचारियों ने सलापुरा आदिवासी बस्ती में घुसकर दो-तीन लोगों के साथ मारपीट कर दी। इसको लेकर बीती रात भी हंगामा हुआ। हालांकि रात में पुलिस अफसरों ने ठेका यहां से हटाने का आश्वासन दिया था, लेकिन बुधवार की सुबह 7 बजे के आसपास जब ठेका खुला देखा तो आदिवासी ग्रामीण भडक़ गए और महिला-पुरुषों ने इक_ा होकर हल्ला बोल दिया। महिलाएं हाथों में लाठियां और पत्थर लेकर ठेके पर पहुंच गईं और तोडफ़ोड़ कर दी। जिसके चलते ठेके के कुछ कर्मचारी तो भाग गए और कुछ अंदर गुमटी में छिप गए। इस दौरान ठेके का अहाता, काउंटर आदि तोड़ दिए। हंगामे की सूचना मिली तो पुलिस भी मौके पर पहुंच गई, लेकिन आदिवासी ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया। यही वजह रही कि एक बार तो पुलिस और ग्रामीण आमने-सामनेे हो गए। इसके बाद पुलिस ठेके के सामने खड़ी हो गई तो ग्रामीण सलापुरा नहर पुलिया पर जाकर बैठ गए और जाम लगा दिया।


इसलिए बिफरे लोग, पुलिस पर लगाए आरोप
मंगलवार की रात शराब ठेका कर्मचारियों द्वारा की गई मारपीट और फिर बुधवार की सुबह हंगामा और जाम में पुलिस और प्रशासन की असफलता साफ नजर आई। प्रदर्शनकारियों ने तो पुलिस पर ठेकेदार से मिलीभगत के आरेाप भी लगाए। प्रदर्शन के दौरान आदिवासी ग्रामीणों ने कहा कि ठेकेदार के कर्मचारी हमारी बस्ती में घुसकर मारपीट करते हैं और कहते हैं कि हमारे यहां से शराब खरीदकर पियो। ग्रामीणों का कहना था कि जब रात को पुलिस ने आश्वासन दिया था कि ठेका नहीं खुलेगा तो फिर आज ये ठेका क्यों खुला। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस ठेकेदार की सेफ्टी के लिए तो तत्काल आ गई, लेकिन हमारी सुरक्षा के लिए दो-दो घंटे तक नहीं आते।

ढाई घंटे थमा रहा नेशनल हाइवे, लगी कतार
ठेके पर हंगामा करने के बाद आदिवासी महिला पुरुषों ने सलापुरा नहर पुलिया पर जाम लगा दिया, जिससे नेशनल हाइवे 552 एक्सटेंशन ढाई घंटे तक जाम रहा। सुबह साढ़े सात बजे लगाया जाम सुबह 10 बजे जाकर खुला, जिसके चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई। हालांकि एसडीओपी वीरेंद्र सिंह कुशवाह ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। यही वजह है कि सुबह 9 बजे के आसपास प्रभारी तहसीलदार राघवेंद्र सिंह कुशवाह पहुंचे और चर्चा कर तीन दिन में ठेका हटाने की बात कही। लेकिन प्रदर्शनकारी फिर भी नहीं माने। काफी कशमकश के बाद प्रदर्शनकारियों की ओर से एक ज्ञापन दिया गया, जिस पर तीन दिन में कार्रवाई का आश्वासन कुशवाह ने दिया तब जाम खोला।

तोडफ़ोड़ जैसी बात नहीं है, लेकिन ठेका हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जाम लगाने का प्रयास किया था। उन्हें समझाया गया है, जिसके बाद उन्होंने ज्ञापन दिया है, जिस पर तीन दिन के भीतर उचित कार्रवाई की जाएगी।
राघवेंद्र सिंह कुशवाह, प्रभारी तहसीलदार, श्योपुर

बीती शाम इन लोगों में झगड़ा हुआ था, जिसमें दो-तीन आदिवासी घायल हुए थे, उनकी रिपोर्ट पर एफआईआर हो गई है। आज ये लोग कलारी हटाने की मांग को लेकर रोड पर बैठ गए थे, इन्हें कलारी हटाने का आश्वासन दिया है।
वीरेंद्र सिंह कुशवाह एसडीओपी, श्योपुर

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