मुश्किलों से कभी नहीं घबराते सच्चे भक्त

- भागवत कथा के तीसरे दिन नृसिंह अवतार, वामन व ध्रुव अवतार की कथा सुनाई

By: Anoop Bhargava

Published: 18 Feb 2020, 11:02 AM IST

विजयपुर
सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन कथा व्यास कृष्णबिहारी महाराज ने प्रहलाद प्रसंग पर बताया कि किस प्रकार भक्त प्रहलाद को उसके पिता हिरण्यकश्यपु के द्वारा यातनाएं दी गई। हर बार श्रीहरि उसकी रक्षा करते रहे। प्रसंग से समझाने का प्रयास किया है कि भक्त कभी चिंता नहीं करते किसी भी मुश्किल घड़ी में घबराते नहीं।

कथा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि सच्चे भक्त धैर्य नहीं छोड़ते, क्योंकि भक्त चिंता नहीं सदा चिंतन करते हैं। निश्चय है कि जो उसका चिंतन करते हैं वो स्वत: ही चिंता से मुक्त हो जाते हैं। कथा में महाराज ने बताया कि आज कितने ही लोग उस ईश्वर को पुकार रहे हैं। किंतु प्रगट क्यों नहीं होते, द्रौपदी की तरह, प्रहलाद की तरह, कबीर की तरह हमारी रक्षा क्यों नहीं करते, कमी है तो हमारे भाव में हमारे प्रेम में है, क्योकि ईश्वर को केवल भाव और प्रेम के बंधन से ही बांधा जा सकता है।
पिता को मोक्ष दिलाने भगवान को पुकारा
महाराज ने कथा के दौरान कहा कि भगवान ने नृसिंह अवतार लेकर हिरण्यकश्यपु का वध किया और उनकी प्रजा को अत्याचारों से मुक्त करवाया। प्रहलाद ने अपने पिता के अंदर छिपी राक्षसी प्रवृत्ति को बाहर निकालने का प्रयास किया। उन्हें मोक्ष की राह पर ले जाने के लिए उन्होंने भगवान को पुकारा और भगवान स्तंभ फाड़ कर अवतरित हुए और उनका उद्घार किया। उन्होंने अजामिल की कथा और ध्रुव चरित्र, वामन अवतार की कथा भी विस्तार से श्रोताओं को समझाई।

Anoop Bhargava
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