जमीन के बदले हाउसिंग बोर्ड बनाकर देगा नई कलेक्ट्रेट

नई कलेक्ट्रेट को बनवाने प्रशासन ने हाउसिंग बोर्ड से यह सौदा कर लिया कि पुराने बस स्टैंड की जमीन लेने के बदले में नई कलेक्ट्रेट बनाकर देगा। इसकी सभी दस्तावेजी तैयारी पूरी कर ली गई और बहुत जल्द नई कलेक्ट्रेट बनाने का काम हाउसिंग बोर्ड शुरू कर देगा।

By: rishi jaiswal

Published: 10 Feb 2021, 11:10 PM IST

शिवपुरी. नई कलेक्ट्रेट को बनवाने प्रशासन ने हाउसिंग बोर्ड से यह सौदा कर लिया कि पुराने बस स्टैंड की जमीन लेने के बदले में नई कलेक्ट्रेट बनाकर देगा। इसकी सभी दस्तावेजी तैयारी पूरी कर ली गई और बहुत जल्द नई कलेक्ट्रेट बनाने का काम हाउसिंग बोर्ड शुरू कर देगा। पीआइयू ने नई कलेक्ट्रेट की बिल्डिंग का नक्शा आदि भी तैयार करके शासन को भेज दिया।

गौरतलब है कि शिवपुरी शहर में पोलोग्राउंड के सामने स्थित पुरानी कलेक्ट्रेट को अब पुरातत्व महत्व की बिल्डिंग घोषित करने के साथ ही नई कलेक्ट्र्रेट मेडिकल कॉलेज से आगे हाइवे किनारे बनाने की तैयारी कर ली गई। इसका पीआइयू ने नक्शा बनाकर भी तैयार कर लिया, लेकिन जब नई कलेक्ट्रेट को बनाने में आ रही लागत का आंकलन किया गया तो खर्चा 23 करोड़ रुपए आ रहा है। नई कलेक्ट्रेट बनवाने में इतनी बड़ी राशि खर्च करने के लिए सरकार के पास पैसा नहीं है, इसलिए यह सौदा तय किया कि नई कलेक्ट्रेट को बनाने में आ रहे 23 करोड़ रुपए के खर्चे को हाउसिंग बोर्ड वहन करेगा, लेकिन उसके बदले में पुराने रोडवेज की जमीन हाउसिंग बोर्ड को दे दी जाएगी। शहर के बीच स्थित उक्त जमीन को हाउसिंग बोर्ड अपने अंडर कस्टडी लेकर उसका जो भी व्यवसायिक उपयोग करेगी, उसमें प्रशासन को किसी तरह की आपत्ति नहीं रहेगी। उदाहरण स्वरूप हाउसिंग बोर्ड उस जमीन पर मॉल या मार्केट बनाकर उसकी सेल करके जो भी इनकम होगी, उससे नई कलेक्ट्रेट का खर्चा निकल आएगा।

कई कार्यों के लिए हो चुका है उपयोग
मध्यप्रदेश में रोडवेज खत्म होने के बाद शिवपुरी में स्थित पुराने रोडवेज की जमीन खाली हो गई। यात्री प्रतीक्षालय से लेकर टिकट काउंटर व वर्कशॉप वाली लगभग 10 बीघा जमीन यूं ही बेकार पड़ी हुई है। पहले इस पुरानी बिल्डिंग में जिला परिवहन कार्यालय संचालित किया गया। उसके बाद हॉकर्स जोन बनाया गया और फिर पुराने काउंटर भवन में दीनदयाल रसोई शुरू कर दी गई, जो अभी भी चल रही है।

नए कलेक्ट्रेट तक पहुंचना होगा दूभर
स्टेट काल के समय में सिंधिया राजवंश का कामकाज करने के लिए बनाई गई बिल्डिंग में अभी तक शिवपुरी कलेक्ट्रेट संचालित हो रही है। चूंकि अभी यह शहर के बीच में ही है तो यहां पदस्थ कर्मचारियों को भी जहां अधिक दूरी तय नहीं करनी पड़ती, वहीं शिकायतकर्ता भी आसानी से कलेक्ट्रेट तक पहुंच जाते हैं। लेकिन जहां नइ कलेक्ट्रेट बनाई जा रही है, वहांजाने की हर कोई हिम्मत नहीं कर पाएगा। साथ ही कलेक्टे्रट में पदस्थ कर्मचारियों को भी लंबी दूरी तय करके जाना पड़ेगा।

तीन मंजिला होगी नई कलेक्ट्रेट
शिवपुरी की नई कलेक्ट्रेट का जो नक्शा बनाया गया है, उसमें वो तीन मंजिला बिल्डिंग होगी। इस तीन मंजिला नई कलेक्ट्रेट को बनवाने के एवज में 23 करोड़ रुपए की राशि खर्च हो रही है। इतनी बड़ा बजट नहीं मिल पाने की वजह से शासन-प्रशासन ने हाउसिंग बोर्ड से यह समझौता किया है।

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