यदि कोई गडबड़ी हुई तो मैं खुद मंडी जाकर खड़ी हो जाऊंगी : यशोधरा

यदि कोई गडबड़ी हुई तो मैं खुद मंडी जाकर खड़ी हो जाऊंगी : यशोधरा

shyamendra parihar | Publish: Nov, 14 2017 10:52:08 PM (IST) Shivpuri, Madhya Pradesh, India

मंत्री ने प्रशासन पर फोड़ा योजनाओं की विफलता का ठीकरा, सीएम की योजनाएं अच्छी, क्रियान्वयन नहीं कर रही प्रशासनिक मशीनरी

 

शिवपुरी. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री योजनाएं तो बहुत अच्छी बना रहे हैं, लेकिन उसका क्रियान्वयन प्रशासनिक मशीनरी ठीक ढंग से नहीं कर पा रही। यह बात मंगलवार को मानस भवन पर मीडिया से चर्चा करते हुए प्रदेश की खेलमंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने कही। उन्होंने कहा कि भावांतर योजना किसानों के लिए फायदेमंद है, लेकिन मंडी का निचला अमला उसे समझा नहीं पा रहा है। मैंने तो कलेक्टर व एसडीएम से कह दिया है कि यदि कोई गड़बड़ी हुई तो मैं खुद मंडी में जाकर खड़ी हो जाऊंगीं।
केबीनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया से जब पूछा कि चित्रकूट व अटेर दोनों उपचुनाव भाजपा क्यों हार गई?, तो वे बोलीं कि मैं न तो चित्रकूट गई और न ही अटेर, इसलिए मुझे वहां की कोई जानकारी नहीं है। भावांतर के सवाल पर मंत्री बोलीं कि इस योजना को सीएम ने पूरे दिलोदिमाग से बनाकर लागू किया है, जिसमें किसान को लाभ हो। लेकिन मंडी में किसानों को समझाने में मंडी का निचला अमला कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहा। विधायकों को अपने क्षेत्र में मंडी जाकर किसानों को इस योजना के बारे में समझाने के साथ उसका लाभ दिलवाना चाहिए। मैं तो अपने क्षेत्र में पूरा ध्यान रख रहीं हूं, लेकिन मुझे यह कहने में कतई परहेज नहीं कर रही कि शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रशासनिक मशीनरी दिलचस्पी नहीं दिखा रही। यानि इशारों-इशारों में वे चित्रकूट व अटेर हार का ठीकरा प्रशासनिक मशीनरी पर फोड़ गईं।
एडिप योजना में 85 दिव्यांगों को दिए कृत्रिम अंग
खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने भारत सरकार की एडिप योजना के तहत 85 दिव्यांग भाई-बहनों को कृत्रिम अंग एवं उपकरण प्रदाय कर उनके सुखद भविष्य की कामना की। मानस भवन में आयोजित कार्यक्रम में 34 दिव्यांगों को ट्राइसाईकिल, 26 दिव्यांगों को व्हीलचेयर, 12 नेत्रहीनों को छड़ी, 10 को बोकिंग सिस्टम, 1 केलिपर्स, 1 को ब्रेल लिपि किट तथा एक को रोलेटर के रूप में कृत्रिम अंग प्रदाय किए गए। इस मौके पर मंत्री ने प्रत्येक दिव्यांग के पास जाकर उनसे न केवल चर्चा की, बल्कि उनके द्वारा बताई गई समस्याओं का निराकरण मौके पर ही प्रशासनिक अधिकारियों से करवाया। खेल मंत्री ने सर्पदंश के 8 प्रकरणों में मृतक के परिजनों को प्रत्येक को 4 लाख की सहायता राशि के चेक प्रदाय किए।

 

 

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