आरक्षक ने भाजपा नेता से कहा, 'तुम मुझे क्या मारोगे, मैं कारगिल युद्ध मेंं नहीं मरा'

घटना के 10 दिन बाद नेता के खिलाफ एसपी के दखल के बाद शासकीय कार्य में बाधा का केस दर्ज हुआ है।

By: shatrughan gupta

Updated: 08 Aug 2020, 10:33 PM IST

शिवपुरी. रेत के अवैध उत्खनन व परिवहन की सूचना पर पहुंंचा पुलिस आरक्षक (रिटायर्ड आमी मैन) को देखकर भाजपा नेता ने अपनी ट्रॉली तो लिफ्ट लगाकर खाली कर दी और फिर आरक्षक को जान से मारने की धमकी दी। इस पर आरक्षक ने कहा, मैं कारगिल युद्ध लड़ चुका हूं, जब उसमें नहीं मरा तो तुम मुझे क्या मारोगे। खास बात यह है कि घटना के 10 दिन बाद नेता के खिलाफ एसपी के दखल के बाद शासकीय कार्य में बाधा का केस दर्ज हुआ है। जिले के खनियांधाना थाने में पदस्थ इंदल सिंह भदौरिया रिटायर्ड आर्मी मैन हैं। उन्होंने कारगिल का युद्ध भी लड़ा है। बीते 29 जुलाई की रात खनियांधाना थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम हुकुमपुर में रेत का अवैध परिवहन किया जा रहा है। इस पर इंदल सिंह अपने साथी आरक्षक अरुण मेवाफरोश के साथ बाइक से मौके पर पहुंचे। वहां रहीस पुत्र गुलाब सिंह यादव निवासी पोठयाई (भाजपा किसान युवा मोर्चा का मंडल अध्यक्ष) मिला और उसने उनके सामने ही ट्रॉली को लिफ्ट लगाकर खाली करवा दिया और फिर इंदल सिंह से धक्कामुक्की करते हुए धमकी दी कि ८ दिन में तुम्हारा पता नहीं चलेगा, कि कहां चले गए। यह सुनकर इंदल सिंह ने कहा कि हम कारगिल युद्ध में नहीं मरे तो तुम क्या हमें मारोगे। इसके बाद रहीस यादव उनके सामने ही ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर भाग गया। आरक्षक ने बताया कि रात 12 बजे रहीस नशे की हालत में हमारे कमरे पर धमकने आया था। इतना ही नहीं इससे पहले 19 जुलाई को भी जब मैने अकेले उसका रेत का ट्रैक्टर रोका था तो वो पुलिस महकमे को अपशब्द कहकर धमकी देकर गया था। अपने साथ हुई घटना की जानकारी आरक्षक ने टीआई खनियांधाना आलोक सिह भदौरिया को देते हुए रहीस के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने के लिए कहा। टीआई ने कार्यवाही का आश्वासन देकर अपने ही थाने के आरक्षक को चलता कर दिया। चार दिन इंतजार करने के बाद भी जब कायमी नहीं हुई तो आरक्षक इंदल सिंह ने एक शिकायती आवेदन पुलिस अधीक्षक राजेश सिह चंदेल को दिया। जिसमें उसने उल्लेख किया कि ऐसे राजनैतिक दवाब व धमकी भरे माहौल में नौकरी करना मुश्किल हो रहा है।

एसपी ने करवाई जांच, फिर हुई कायमी
आरक्षक ने जब उक्त घटना के संबंध में एसपी को शिकायती आवेदन दिया तो एसपी ने मामले की जांच पिछोर एसडीओपी देवेंद्र सिंह कुशवाह को सौंपी। एसडीओपी ने जांच उपरांत मामला सही पाया तो फिर शुक्रवार शाम को खनियांधाना थाने मे भाजपा नेता रहीस यादव के खिलाफ धारा 353 के तहत शासकीय कार्य में बाधा का मामला दर्ज कर लिया।

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