एमपी-यूपी बॉर्डर पर फिर ब्रेक, 20 हजार लोग फंसे

ज्ञात रहे शिवपुरी के दिनारा व झांसी के रक्सा थाना क्षेत्र में स्थित एमपी-यूपी बॉर्डर पर पुलिस ने वाहनों में भेड़-बकरियों की तरह भर कर ले जाए जा रहे लोगों को यूपी पुलिस ने रविवार सुबह फिर रोक दिया।

By: rishi jaiswal

Published: 10 May 2020, 08:02 PM IST

शिवपुरी। कोटा-झांसी फोरलेन पर स्थित एमपी-यूपी बॉर्डर पर रविवार सुबह एक बार फिर ट्रैफिक ब्रेक कर दिया। जिसके चलते यहां पर लगभग 20 हजार लोग फंस गए।

चूंकि इन दिनों महाराष्ट्र व गुजरात से लौटने वालों का फ्लो तेज हो गया, जिसके चलते आधा सैकड़ा से अधिक लोडिंग, ट्रक व बसों में सवार लोग सुबह से शाम तक फंसे रहे। एक जगह पर अधिक भीड़ इकट्ठी ना हो, इसलिए शिवपुरी पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में बायपास किनारे वाहनों को रोक दिया।

ज्ञात रहे शिवपुरी के दिनारा व झांसी के रक्सा थाना क्षेत्र में स्थित एमपी-यूपी बॉर्डर पर पुलिस ने वाहनों में भेड़-बकरियों की तरह भर कर ले जाए जा रहे लोगों को यूपी पुलिस ने रविवार सुबह फिर रोक दिया।

चूंकि इस दौरान महाराष्ट्र व गुजरात से वापस घर जाने वालों की संख्या एकाएक बढ़ गई, इसलिए कुछ देर में लोगों की भीड़ लगना शुरू हो गई।

इधर शिवपुरी पुलिस को जब पता चला कि यूपी पुलिस ने वाहनों की एंट्री रोक दी तो कोलारस पुलिस ने पड़ोरा पुल के पास, सुरवाया थाना पुलिस ने फोरलेन किनारे तथा उसके आगे के पुलिस थानों में वाहनों को रोक लिया गया।

क्योंकि वाहनों में भेड़-बकरियों की तरह भरे महिला-पुरुष व बच्चों की भीड़ एक जगह इकट्ठी हो जाएगी तो हालात बिगड़ सकते थे। विभिन्न थाना क्षेत्रों में फोरलेन किनारे रूके इन वाहनों में सवार लोग भरी दोपहरी में पेड़ों के नीचे बैठकर यूपी में एंट्री खुलने का इंतजार करते रहे।

स्थानीय लोग भी असमंजस में

कोटा-झांसी फोरलेन पर विभिन्न थाना क्षेत्रों में रोके गए वाहनों में सवार लोग भूख-प्यास से परेशान नजर आए। कुछ जगह तो स्थानीय लोगों ने उन्हें पानी आदि की व्यवस्था करवाई, लेकिन कुछ जगह लोग इस असमंजस में रहे कि कहीं यह लोग अपने साथ कोरोना लेकर ना चल रहे हों, इसलिए वे चाहते हुए भी मदद को आगे नहीं आ पाएं। चूंकि इन दिनों महाराष्ट्र में भी संक्रमण अधिक है, इसलिए वहां से आने वाले लोगों को हर कोई संदेह की दृष्टि से देख रहा है।

पहले भी लग चुका है सीमा पर ब्रेक

एमपी-यूपी बॉर्डर पर बाहर से आने वाले लोगों को भरकर निकल रहे वाहनों को बीते 27 अप्रैल को भी रोक दिया गया था। उस दिन भी हजारों लोग बॉर्डर पर फंस गए थे। बाद में जब म.प्र व उ.प्र के अधिकारियों के बीच बातचीत हुई, तब कहीं जाकर उन्हें सीमा पार करने दिया गया था।

जांच के फेर में फंसने की बजाए घर जाने की जल्दी

देश सहित दुनिया भर में खौफ का पर्याय बन चुके कोरोना से हर कोई डरा हुआ है, लेकिन जो घर से सैकड़ों किमी दूर रहकर रोजगार कर रहे थे, उन्हें भी अब घर वापसी की जल्दी है।

घर लौट रहे लोगों को भी पता है कि यदि रास्ते में किसी तरह की जांच हुई और उसमें यदि बुखार भी आ गया तो फिर 14 दिन के लिए रोक दिया जाएगा, यही वजह है कि वे गुपचुप में अपने घर तक पहुंचने की जद्दोजहद कर रहे हैं।

लोडिंग वाहन भी कमा रहे मुनाफा

लॉकडाउन में फंसे लोगों व परिवारों को उनके घर तक छोडऩे के लिए जो लोडिंग व ट्रक इन्हें ढो रहे हैं, वे भी कई गुना अधिक किराया वसूल रहे हैं।

महाराष्ट्र से झांसी के आसपास जाने वाले इन लोगों को 3500 से 4000 रूपए किराया देने के बाद भी भेड़-बकरियों की तरह हिचकोले खाते जाना पड़ रहा है।

यह बोले एसपी

इन दिनों महाराष्ट्र व गुजरात से अपने घर जाने वाले लोगों का फ्लो तेज हो गया है। एक जगह हजारों की भीड़ इकट्ठी ना हो, इसलिए हमने विभिन्न थाना क्षेत्रों में फोरलेन किनारे वाहनों को रूकवा दिया था। यूपी पुलिस ने आज सुबह से एंट्री बंद कर दी थी, इसलिए ऐसे हालात बने। अब शाम से वाहनों की एंट्री शुरू हो गई है।

राजेश सिंह चंदेल, एसपी, शिवपुरी

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