कोरोना काल में कारोबार ठप, युवा व्यापार बदलने की सोच रहे

ज्ञात रहे कि जब शिवपुरी में पहला कोरोना पॉजीटिव मिला तो दिन में ही प्रशासन व पुलिस ने कफ्र्यू लगा दिया था। उसके बाद से जिले में पॉजीटिव की संख्या 7 हो गई, लेकिन कफ्र्यू पूरी तरह से खत्म होने के साथ बाजार में सभी दुकानें भी खुल गईं।

By: shatrughan gupta

Published: 23 May 2020, 09:44 PM IST

शिवपुरी। कोरोना के फेर में लॉकडाउन के चलते कुछ कारोबार ऐसे ठप हुए कि अब उनके फिर से चल पाने की कोई संभावना नजर नहीं आ रही। जिसके चलते शहर के युवा व्यवसायी अब अपना व्यापार बदलने का विचार करने लगे है।

ज्ञात रहे कि जब शिवपुरी में पहला कोरोना पॉजीटिव मिला तो दिन में ही प्रशासन व पुलिस ने कफ्र्यू लगा दिया था। उसके बाद से जिले में पॉजीटिव की संख्या 7 हो गई, लेकिन कफ्र्यू पूरी तरह से खत्म होने के साथ बाजार में सभी दुकानें भी खुल गईं।

इसके बावजूद होटल, मैरिज हाऊस व टंैट कारोबार शुरू नहीं हो पाया। क्योंकि कोरोना से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी है, जबकि इस कारोबार में नियम टूटना तय है।

महत्वपूर्ण बात यह है कि संक्रमण कब तक रहेगा, इसकी समय-सीमा नहीं है, क्योंकि वैज्ञानिक व डॉक्टर्स आशंका जता रहे हैं जुलाई-अगस्त में स्थिति भारत में बिगड़ सकती है।

पत्रिका ने जब इस मुद्दे पर युवा व्यवसायियों से पूछा तो उन्होंने ऐसे बताई अपनी पीड़ा:

फिर खोलेंगे अपनी दुकान

पहले हमारी जनरल स्टोर की दुकान थी, लेकिन उसे हटाकर हमने होटल बनवाया, जिसमें अतिरिक्त पूंजी लग गई। अब ३ महीने से होटल में कोई नहीं आया और ना ही हम उन्हें रोक सकते हैं।

ऐसे में होने वाली इनकम तो खत्म हो गई, बिजली का बिल बिना किसी उपयोग के भरना पड़ रहा है। अब इसके शुरू होने की उम्मीद नहीं लग रही, इसलिए अब फिर वो ही दुकान खोलेंगे।

विश्वनाथ शिवहरे, होटल संचालक, पोहरी रोड

पूरा सीजन खाली गया, बदलेंगे व्यापार

शादी का पूरा सीजन निकल गया और हमारे मैरिज हॉल में कोई शादी नहीं हुई। सोशल डिस्टेंसिंग का नियम तो बरकरार रहेगा, क्योंकि कोरोना का कहर कब तक रहेगा, पता नहीं। अब भविष्य में कभी इसकी भरपाई हो पाएगी, उम्मीद नहीं है। इसलिए हम तो अपना व्यापार बदलने की सोच रहे हैं।

लवलेश जैन, मैरिज हॉल संचालक, शिवपुरी

अब पिता के साथ करेंगे ठेेकेदारी

3 महीने से ना तो कहीं कोई कार्यक्रम हुआ और ना ही उम्मीद है। हमारे पास प्राइवेट के साथ शासकीय कार्यक्रमों में भी टैंट, कुर्सी, म्यूजिक सिस्टम भी किराए पर लगता था।

लेकिन अब ना तो सरकारी कार्यक्रम हो रहे ना ही कोई टैंट वाले शादी-विवाह। हमारा कई मैरिज हाऊस वालों से टाईअप है, लेकिन विवाह में 10-20 लोगों के लिए कितना बड़ा टैंट लगेगा, इसलिए अब मैं तो पिता के साथ ठेकेदारी करूंगा।

अंकुर सहगल, टैंट कारोबारी, शिवपुरी

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